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    बरसा सूत्र (प्राकृत भाषा)

    इस ग्रन्थ में 1200 श्लोक हैं, इसीलिए इसे बरसा सूत्र कहा जाता है।

    यह केवल पर्युषण पर्व के अंतिम दिन पढ़ा जाता है।

    जो लोग कलसपुत्र के श्रवण से चूक गए, वे बारसा सूत्र को सुनकर इसका लाभ उठा सकते हैं

    इसमें तीर्थंकर के जीवन घटनाओ को रंगीन तस्वीरो के मध्यम से बताया गया हैं।

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    विवरण

    इस ग्रन्थ में 1200 श्लोक हैं, इसीलिए इसे बरसा सूत्र कहा जाता है।

    यह केवल पर्युषण पर्व के अंतिम दिन पढ़ा जाता है।

    जो लोग कलसपुत्र के श्रवण से चूक गए, वे बारसा सूत्र को सुनकर इसका लाभ उठा सकते हैं

    इसमें तीर्थंकर के जीवन घटनाओ को रंगीन तस्वीरो के मध्यम से बताया गया हैं।

    उत्पाद विशेष विवरण
    संपादकश्रीमद विजय रत्नशेखरसूरीश्वरजी म. सा.