(तर्ज - ले जायेगे... ले जायेगे)

 

दर्शन दो दर्शन दो, इस आ तुम्हारे दर्शन को 

बरसन दो बरसन दो, गुरूवाणी का अमृत बरसन दो 

 

चरणों में आये भर पार कर दो २ 

जग से हमारा उद्धार कर दो २ 

बस इतना सा उपकार कर दो किश्ती से बेड़ा पार कर दो 

हो दुनिया से तारो हमें भव से उपारो 

हम, शरण तिहारे आये है प्रभुजी ॥१॥ 

 

कहते हैं दुनिया हैं एक सपना २ 

मतलब के हैं कोई नहीं अपना 

सोचा हैं तो इक तेरा नाम जपना 2 

हो दुनिया से हारे हुये, कर्मो से मारे हुये 

दर्शन को हम आये है प्रभुजी ॥२॥ 

 

दुखीयों के दुखड़ों को तुम हरना 2 

जिसका ना कोई उसे तेरा शरणा 2 

दर पे तुम्हारे आये झोली भरना 2 

हो शरण तुम्हारे आये, भक्ती के सुमन लायें 

युवक मंडल शीश झुकाये प्रभुजी ॥३॥