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Library > देरासर स्तवन
बाबुल की दुआएं

गुरूराज तुम्हारे चरणों में, जीवन को थोड़ा प्यार मिले। 
मैं भूल सकूं दुनिया सारी, तेरा प्यार मुझे किरतार मिले। 
यह जीवन का उपवन मेरा, वीरान हुआ मुरझा करके। 
पीड़ा की धूप में जल जल के, दिल सुख गया कुम्हला करके।

ये जग का पालन हारा है

ले गुरु का नाम, बंदे ये ही तो सहारा है, 
ये जग का पालन हारा है।। 
तारीफ क्या करूँ, इन दीन दाता की, दयालु नाम है-2
दीन दुःखियों के दामन को भर देना, गुरु का काम है। 

बधाई

गाओ गाओ बधाई, सब मिलकर गाओ 
पार्श्वनाथ की बधाई, सब मिलकर गाओ 
शिरणाई सिर नौपद बाजे 
घनन घनन घन बाजे -2

प्रभु तुम दर्शन जो पाऊँ

प्रभु तुम दर्शन जो पाऊँ 
प्रभु तुम दर्शन जो पाऊँ, जिणंद नयनो में समा जाऊँ 
रांखुं अपने हृदय कमल में, पलक विसराऊँ 
जो प्रभु मेरे तुम बनो चंदन, में पानी बन जाऊँ 2

जिसने इन्हे ध्याया पाया है

दर पे कोई आके, पुकारे दादा नाम 
उसके सारे बन जाते है बिगड़े काम 
नाम रटो दादा का, नही लागे दाम 
जिसने इन्हे ध्याया पाया है विसराम

तुम सदा नामि नन्दन का भजत रहो

तुम सदा नाभि नन्दन को भजते रहो 
क्योंकि मुक्ति का मारग मिलेगा नही 
तुम सदा भक्ति सरगम के माते रहो 
क्योंकि आतम को आनन्द मिलेगा नही. . .तुम 

मंदिर में आओ सब मिल

मंदिर में आओ सब मिल प्रभु को नमन करो। 
पुजा पाठ करो प्रभु का ध्यान धरो 
केशर चंदन लाओ प्रभुजी के चरण चढाओ 
फूल गुलाबी लाओ प्रभुजी के चरण चढाओ