मेतार्य मुनि, भगवान महावीर के शिष्य, एक अछूत परिवार में जन्मे पर साधुता में सबसे ऊँचे उठे। एक सुनार ने उन पर झूठा आरोप लगाया, चमड़े की रस्सी से बाँधकर धूप में छोड़ दिया। जिस पक्षी की जान बचाने के लिए उन्होंने चुप्पी साधी, उसी चुप्पी ने उन्हें केवलज्ञान दिया। अहिंसा का यह सबसे अनोखा रूप है जहाँ अपनी जान...
पहले तीर्थंकर ऋषभदेव के दो पुत्र, एक चाहता था सारी दुनिया, दूसरे ने सब ठुकरा दिया। तीन युद्ध हुए, तीनों में बाहुबली जीते, फिर भी राज्य छोड़ दिया। बारह साल का तप, बेलें चढ़ गईं, पर एक सूक्ष्म अहंकार ज्ञान रोकता रहा। जिस दिन वह अहंकार टूटा, उसी दिन मोक्ष का द्वार खुला।