ना नही हु जानती क्या काम शोधु,
हाथ नी मेहंदी मा तारु नाम शोधु।

साज ने शृंगार नो आ भार लागे छे,
मन भरेला मांडवा थी दूर भागे छे।
तु मुझे लेजा आवी तु मुझे लेजा,
मन मा ही हु एज मांगु रे ...

नेमजी आवोने आवोने,
संयम आपोने आपोने,
करी छे तुज थी सगाई।
हो ता थैया थैया, ता थैया थैया ... (4)

नेमजी आवोने, संयम आपोने।

Source: CA Devansh Doshi