aavajo mann, aavjo man, aavjo man mandiriye

सुंदर आ देहरामां सोही रह्या छो,
भविजन ना मन मोही रह्या छो ... (२ वार)
अरजी हवे छे साजना, करवी हवे छे प्रार्थना ...
"आवजो मन मंदिरिये" (४ वार)

रुदिया ना आंगणे आप पधारो, 
पाप खपावी मन नी शोभा वधारो
रुदिया ना आंगणे आप पधारो दुःखीया ना 
बेली-प्रभुवर आप सहारो
टाळवाने आवो यातना, आज हवे छे याचना ...
"आवजो मन मंदिरिये" (४ वार)

तारी प्रतिष्ठा मारा मन मां छे करवी, 
काया नी माया तारा चरणो मां धरवी
तारी प्रतिष्ठा मारा मन मां छे करवी, 
काया नी माया तारा चरणो मां धरवी

पाळवी हवे छे आज्ञा, साधवी हवे छे साधना ....
"आवजो मन मंदिरिये"(४ वार)

 

Source - Aavjo Man Mandiriye | Kalapurnam Pratishtha Parva