badhai, badhay, badhae, Badhai

मारा नाथनी बधाई बाजे छे, भारा प्रभुनी बधाई बाजे छे,
शहनाई सुर नौबत बाजे, और घनन घन गाजे छे,
।। म्हारा .... ।।

इन्द्र इन्द्राणी मिल मंगल गावे,
मोतीयो का चोक पुरावे छे,
।। म्हारा .... ।।

नर नारी मिल मंगल गावे,
भवोभव पार उतारे छे,
।। म्हारा .... ।।

सेवक प्रभुजी छे अरज करते है,
शरणों में शीश झुकावे छे,
।। म्हारा .... ।।

मंडल अरज करत है,
चरणो नी सेवा प्यारी लागे छे,
।। म्हारा .... ।।

 

Source - Mara Nath Ni Vadhai Vage Chhe