आंख सुबह को जब मैं खोलूं
सबसे पहले तू दिख जाए
तुझसे पहले चांद को देखूं
ऐसी कोई शाम ना आए सुनवीर
Library > प्रभु भक्ति
04 February, 2026
05 January, 2026
हे अविनाशी ! नाथ निरंजन ! साहिब मारो साहिब साचो; हे शिववासी! तत्त्वप्रकाशी! साहिब मारो साहिब साचो ।
12 November, 2025
रात है आई तारे मुस्काए
मां की गोदी में सपने आए
धर्म की लोरी कानों में बहे
प्रभु की कहानी दिल में कहे
28 June, 2025
कल्लाणकंदं पढमं जिणिंदं
संतिं तओ नेमिजिणं मुणिदं,
पासं पायसं सुगुणिक्कठाणं,
भत्तीइ वंदे सिरि-वद्धमाणं ... १
28 June, 2025
मेरी विनती सुनलो दादा, क्यूँ नहीं सुनते पारस दादा
सुनलो, सुनलो जग के नाथ
नाकोड़ा के पारसनाथ, मेरी विनती स्वीकार करो
है दादा हमें भव से पार करो
28 June, 2025
अबके पर्युषन में, गुस्सा थोडा शान्त रखना,
आपने मन में भी जारा तु अकान्त रखना,
बुरी बातो से खुद्को सम्हल रखना,
तप साधना मे खुदका खयाल रखना,
28 June, 2025
सीमंधर स्वामी के पास हमें जाना हैं,
संयम लेके, केवल पाके, मोक्ष हमको जाना हैं,
सीमंधर स्वामी के पास हमें जाना हैं॥
चौरासी लाख जीवयोनी में, अनंतकाल से भटकुं,
28 June, 2025
अब तक किए जो पाप वो, धोने का वक्त आया
भक्ति, तप और साधना करने का वक्त आया
आया पर्युषण आया
जैनो का त्यौहार आया
28 June, 2025
हो .. आया रे ..
पर्व आया पर्युषण,
के जैनियों का पर्व सुहाना,
महिमा बड़ी है महान,
28 June, 2025
लो आया झूमके गाके प्यारा ये सावन
ये जैन जगत का पर्व है कितना मनभावन
आया अवसर ये कितना पावन है
कितनी मधुर ये भक्ति सरगम है

