abke paryushan me

अबके पर्युषन में, गुस्सा थोडा शान्त रखना,
आपने मन में भी जारा तु अकान्त रखना,
बुरी बातो से खुद्को सम्हल रखना,
तप साधना मे खुदका खयाल रखना,
गम सारे तू भूल जा, मेरे दादा का बनके तू झुमजा,

होक केसरिया केसरिया,
झूम केसरिया केसरिया केसरिया,
मैं भी केसरिया केसरिया तू भी केसरिया केसरिया,
झूम केसरिया केसरिया केसरिया .....

अबके पर्युषण चेहरे पे एक मुस्कान सजा के,
अपने परयो को एकबार अपने गले से लगाकर,
साडी गलतियां तू भूल जेक मेरे दादा का बनके तू झूम जा,
होक केसरिया केसरिया होक केसरिया केसरिया,
झूम केसरिया केसरिया केसरिया,
मैं भी केसरिया केसरिया तू भी केसरिया केसरिया,
झूम केसरिया केसरिया केसरिया.

होक केसरिया केसरिया होक केसरिया केसरिया,
झूम केसरिया केसरिया केसरिया ..........

 

Source - Abke Paryushan Mein | RSJ Rishabh Sambhav Jain