Personal menu
Search
You have no items in your shopping cart.
Library > प्रभु भक्ति
एवी कृपा तमे करजो

शिष्य ने, याद रखो सदा,
शिष्य ने ना तमे भूलजो
कहो ने, हूँ सथेज़ छु,
अमने कदी ना भूलजो

जय जय वरो

जय जय वरो, जय जय वरो ...
संयमपंथे हवे, जय जय वरो ...
शुभमंगल घडीओ आवी तारे द्वारे,
दुनियाना बंधन तोडीने तुं चाल,

विरतीना राही वैरागीने वंदन

संसारी रागना तोडीने बंधन,
विरतीना राही वैरागीने वंदन,
वैरागी वैरागी वैरागीने वंदन,
वैरागी अहोभागी वैरागीने वंदन,

दोष थी हर्यो भर्यो

दोष थी हर्यो भर्यो छुं छतां,
दादा तुजने मळवानी घणी आश छे,
हुं तने नीरखी शकुं ना तने भले दादा,
तुं परंतु मारी आसपास छे

असंभवने संभव करनारा

हे पूरण गाम संभवनाथ विराजे ...
हे मारा पुण्प नगरे पूरण रे संभव नाथ छाणे ...
हे प्यारी प्यारी मूरत एनी कामित पूरण राजे रे,
तनमनधनी भक्ति करवा चालो पाईए रे आजे,

अब तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा

जब से थामा है तूने मेरे हाथ को,
में भूल गया सारी क़ायनात को .. (२)
के तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा .. (२)
अब तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा ..

छोटीसी उमरमां

छोटीसी उमरमां मारी दीक्षा कराई दी,
गुरुदेव ना हाथे मने ओघो अपाई दी,
दीक्षा कराई दी ने साधु संत बनाई दी,
गुरुदेव ना हाथे मने ओघो अपाई दी ... [१]

सहसावन

राजुलनी राह ने छोड़ी
मुक्तिना मांडवे दोड़ी
राजुलनी राह ने छोड़ी,
मुक्तिना मांडवे दोड़ी

उवसग्गहरं स्तोत्र अर्थ सहित

उवसग्गहरं पासं, पासं वंदामि कम्म-घण मुक्कं ।
विसहर विस णिण्णासं, मंगल कल्लाण आवासं ।।१।।
विसहर फुलिंगमंतं, कंठे धारेदि जो सया मणुवो ।
तस्स गह रोग मारी, दुट्ठ जरा जंति उवसामं ।।२।।

तारा मिलननी लगन

तारा मिलननी लगन, मने पागल बनावे छे;
प्रभुजी तमारो प्रेम, मने कागळ लखावे छे ...
प्रभुजी तमारो प्रेम, मने घायल बनावे छे ...
लखुं छुं प्रेम कागळिया, ओ मारा व्हालम वीतरागी !;