Bhakti Parsari

प्रभु पारस रा गुण गावें  
अहिंसा परमों धरम सुणावें 
करे ई दिल ने नहीं सतावें  
भक्ती पारसरी ........2 ओ भक्ती पारसरी 

हो अश्वसेन घर खुशीया छायी  , माता वामा बाटे बधाई 
जन्मे पारस प्रभु भाई, भक्ती पारसरी .......2         ll1ll

जन्म रे साथ ज्ञान है जन्मो, कमठ से ज्ञान प्रभु हैं दिनो  
घमंड रे सिर ने पुर हैं किनो, भक्ती पारसरी .......2   ll2ll 

हो अवधी ज्ञान सु नाग बचायो, मंत्र महा नवकार सुनायो 
वेने मोक्षरे द्वार पहुंचायो, भवती पारसरी .........2       ll3ll

एक साल तक दान हैं दिनो, लोभ मोह ने दूर है कीनो 
पोष में दिक्षा ज्ञान है दिनों, भक्ती पारसरी        ll4ll

घोर कठीण तप जब है किनो, मेघमालीने बदलो लिनो 
पानी कंठो तक कर दिनो, भक्ती पारसरी        ll5ll

नाग ने आकर फन फैलायो, मेघमाली रो मान घटायो 
मास सावन निर्वाण है पायो, भक्ती पारसरी .......4