(रचना : देवर्धी साहेब ) 

(राग : जब कोई बात बिगड जाये ) 

 

सद् गुरू सत्य जणावे छे 

सद् गुरू धर्म भणावे छे 

मने स्थिर बनावे छे मारा गुरू … 

सद् गुरू संगे सूख मळे 

सद् गुरू संगे दू:ख टळे 

मने मार्ग बतावे छे मारा गुरू … 

 

परमनो पं थ हुं भाळुं छुं 

नियम जे काई हुं पाळुं छुं 

ए गुरूए शीखव्युं छे 

गुरू सत्व जगावे छे… ( २ वार ) 

सद् गुरू सत्य … 

 

प्र भुना संगे जोडे छे 

हृदयनी गांठो तोडे छे 

ज्ञान लईने आवे छे 

गुरू संस्कार सजावे छे… ( २ वार ) 

सद् गुरू सत्य … 

 

प्रभु विनंती सांभळजो

भवो -भव आ ज गुरू मळजो 

मने निर्ग्रंथ गुरू साथे 

रहेवु खूबज फावे छे… ( २ वार ) 

सद् गुरू सत्य …