Saturday, 28 June, 2025
saat lakh sutra, saat, saat seven, saath lah
सात लाख पृथ्वीकाय, सात लाख अप्काय,
सात लाख तेउकाय, सात लाख वाउकाय,
दस लाख प्रत्येक वनस्पति-काय,
चौदह लाख साधारण वनस्पति-काय,
दो लाख द्वींद्रिय, दो लाख त्रींद्रिय,
दो लाख चउरिंद्रिय, चार लाख देवता,
चार लाख नारकी, चार लाख तिर्यंच पंचेंद्रिय,
चौदह लाख मनुष्य
इस तरह चौरासी लाख जीव-योनि में से मेरे जीव ने
जो कोई जीव-हिंसा की हो, करायी हो, करते हुए का अनुमोदन किया हो, उन सब का मन-वचन-काया से मिच्छा मि दुक्कडं………………………………………………………. .1.
Source - Saat Lakh Sutra