Friday, 6 November, 2026
चिहुंगति वारण कारण कठिन करम निरमूळ,
भवियण शिवसाधन एकरसी अनुकूळ;
अभिनंदन वदन चंदन पर करतार,
दरिसण सम्यक् दाई छिई दुरति विकार. १
चिहुं तीरथ थापक कापक सकल क्लेश,
ऋषभादिक चोवीस शुं मुनि मनकमल दिणेश;
सब गायक लायक नायक नय निरबाध,
साधक गुण साधन आराधिक अगाध. २
चार कषाये धूरीथी रागादिकनो खेत,
ईम भाख्यो जिनवर मोह करम पर हेत;
आगम अंजन अंज ए भरम तिमिर घे नाश,
इन सरधाए सरधे आतमतत्त्व प्रकाश. ३
रोहिणी गुण रोहण - भूधर भवियण मानी,
शासननी हितकारिणी दुष्ट दमन ए विधानी;
धनु तोमर करधारिणी वांछित पूरण हारी,
श्याम सागरपद सेवक भगति 'सुज्ञान' बिहारी. ४


