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मान्यूं के तैं संयम लिधु,
मान्यूं संसार ने त्याजी दिधो
पण राग तारो अमथी ना छुटे
मान्यूं के तूं वैरागी छे,
मान्यूं के विरति राहि छे
पण राग तारो अमथी ना छुटे ...
तारा विना सूना अमें, विना सूना अमें,
तारा विना एकल अमें, विना कोना अमें?

तारी मीठी मीठी बातोथी,
आखू घर महेकी जातुंतु,
तारा कोमल भावोथी आ घरमा,
प्रेम धोध वहि जातुंतु,
तारू जीवन हेतनु सदन हतु,
वात्सल्य भर्यू तुज वदन हतु,
तारा वहेणमा शरद वसती ती,
हर शब्दोमा श्रृंगार हतु,
तारा विना मौन अमें, तारा विना कोण अमें?
तारा विना एकल अमें, तारा विना कोना अमें?

अमने खबर छे, स्नेह अमारो,
याद अपावे इतिहास तारो,
साथे बितावेली, हर एक पल,
आंखे वहावे, अश्रु फुवारो,
डग जे भरया ते, प्रभु-पंथ काजे,
करती रहेजे, एमा वधारो,
आंखो अमारी, मोहभीनी छे,
सत्य ने तथ्य थी, अंतर अमारो,
भले लाख विनवे, हाथ अमारा,
पण तूं ना डगजे, ना डे जे होन्कारो,
तारा विना, आ संसारे,
तारा विना, ना रहवूं अमारे ...
उजला ए वेशे, उजला ए देशे,
वहेली तके हवे, आवूं अमारे ... (3)

 

Source - Tara Vina Suna Ame | Sheth Parivar | Jatin Bid