त्रिशला झुलाए वीरा,
त्रिशला झुलाए वीरा,
मीठी मीठी लोरीयो से,
अंखियों में निंदिया आए,
बाल मेरा सो जाए।
त्रिशला झुलाए वीरा ।।


चांद सा चमके मुखड़ा,
अंखियों में बहती करुणा,
लाल मेरा जग का दुलारा,
तुझको निहारु नजर उतारू,
मेरे नैनो का तारा,
वर्धमान मेरा प्यारा,
त्रिशला झुलाए वीरा।।


धन्य हुई मैं पाकर,
तीन भुवन के स्वामी,
पावन बना मेरा जीवन,
दीपक बनना जिनशासन का,
सिद्धारथ शणगारा,
जग का तारणहारा,
त्रिशला झुलाए वीरा।।


Source: Swetha Gandhi