ungli pakad, ungli pakad meri

ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है(२)
कभी तो ये दादा माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी बन्न जाते है
ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है ..... (२)

ठोकर लगी मुझको,पत्थर नुकीला का (२)
पर चोट ना आए दादा ने संभाला था (२)
कभी तो ये दादा माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी बन्न जाते है
ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है ....... (२)

ठुकरा दिया हमको हम किसको बोलेंगे (२)
दर तेरे आकर के छुप छुप के रोलेंगे (2)
कभी तो ये दादा माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी बन्न जाते है
ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है ..... (२)
मेरे इस जीवन की बस एक तामन्ना है
तुम सामने हो मेरे और प्राण निकल जाये
कभी तो ये दाद माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी ब्न जाते है
ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है .... (२)

 

Source - ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है