Personal menu
Search
You have no items in your shopping cart.
Library > आरती और मंगल दीपक
दीपावली की आरती

जय जय जगदीश जिनेसर जग तारन राजा 
धन धन किरति तेरी इन्द्र करत बाजा 
जय जय अविकारा तुम जग आधारा 
आरती अमर उतारा भव आरती टारा। जय... 

जैन दिवाली पूजन
जैन दिवाली पूजन

स्वः श्रियम् श्रीमद्ऽर्हन्तः, सिद्धाः सिद्धि पुरीपदम् । 
आचार्या : पंचाचार, वाचकां वाचनां वराम् ।।1।। 
साधवः सिद्धि साहाय्यं, वितन्वन्तु विवे किनाम् । 
मंगलानां च सर्वेषां, आद्यं भवति मंगलम् ||2||