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Library > आरती और मंगल दीपक
“निर्वाण कल्याणक आरती"

जय जगदीश्वर अति अलवेसर वीर प्रभु राया 
पतित 'उद्धरण भव भय भंजण बोध बीज पाया 
जय जय जिन राया, आरती करूं मन भाया, 
होय कंचन काया जय जय जिन राया। 

दीपावली की आरती

जय जय जगदीश जिनेसर जग तारन राजा 
धन धन किरति तेरी इन्द्र करत बाजा 
जय जय अविकारा तुम जग आधारा 
आरती अमर उतारा भव आरती टारा। जय... 

जैन दिवाली पूजन
जैन दिवाली पूजन

स्वः श्रियम् श्रीमद्ऽर्हन्तः, सिद्धाः सिद्धि पुरीपदम् । 
आचार्या : पंचाचार, वाचकां वाचनां वराम् ।।1।। 
साधवः सिद्धि साहाय्यं, वितन्वन्तु विवे किनाम् । 
मंगलानां च सर्वेषां, आद्यं भवति मंगलम् ||2||