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Library > शत्रुंजय स्तवन
दादा आदेश्वरजी

दादा आदेश्वरजी, हो दादा आदेश्वरजी दूर थी 
आव्यो दादा दर्शन द्यो
कोई आवे हाथी घोड़े, 
कोई आवे चढ़े पालने ... (2)

व्हाला आदिनाथ

व्हाला आदिनाथ में तो पकड्यो तारो हाथ,
मने देजो सदा साथ .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो
आव्यो तुम पास .. लइ मुक्तिनी एक आश,
मने करशो ना निराश .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो ... (१)

प्रभुजी म्हारा

प्रभुजी म्हारा प्रेम थी नमु,
मूर्ति तारी जोईने ठरू।
अरे रे प्रभु पाप में कार्य,
शि थसे हवे म्हारी दशा।

सिद्धाचल ना वासी

सिद्धाचल ना वासी, विमलाचल ना वासी,
जिनजी प्यारा, आदिनाथ ने वन्दन हमारा
प्रभुजिनु मुखडु मलके,
नैनोमाथी वर्से अमीरस धारा,

मीठां आदिनाथ

मीठी पालडी गामनां मीठां आदिनाथ,
राजाओना राजा शोभे ऋषभजीनो ठाठ...
मीठी पालडी गामनां मीठां आदिनाथ..
कोई अलगारी योगी ए प्रभुजीने प्रगटाव्या, (2)

सिद्धाचलनो वासी प्यारो

सिद्धाचलनो वासी प्यारो
लागे, मोरा राजींदा…
ईण रे डुंगरीआ मां झीणी झीणी कोरणी,
उपर शिखर बिराजे… मोरा…

दादा आदेश्वर

अंतरनी अयोध्यानो राम छे,
मननी मथुरानो श्याम छे
दादा आदेश्वर नो दरबार छे,
शत्रुंजयनो शणगार छे… (१)

गिरिराज ना आदिनाथ

आदिनाथ दादा मारे हैये वसो ने,
हैये वसो ने मारे रोमे वसो ने
रोमे वसो ने मारे, मनडे वसो ने…
गिरिराज ना आदिनाथ,

कद म्हारो रिष भो घर आसी

सुन सुनरे, सुन सुनरे 2 म्हारा भरत लाडला 
कद म्हारो रिष भो घर आसी -कद म्हारो ...
सुन सुनरे... 
मां मरुदेवी थांरो रिषभ लाडलो 

माता मरुदेवी ना नंद

माता मरुदेवी ना नंद, माता मरुदेवी ना नंद, 
देखी ताहरी मूरति मारु, मन लोभाणुजी,
के मारुं दिल  लोभाणुजी
करुणानागर करुणासागर काया कंचन वान (2)