आदिनाथ प्रभु हर रूप में मिल जाते हैं, मौन, आहट या मुस्कान में। जीवन कर्मों की खेती है, जो बोएगा वही काटेगा। नेकी बाँटने वाला स्वयं भी सुगंधित होता है। सच्चा तीर्थ बाहर नहीं, भीतर की श्रद्धा और साधना में है।
शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम || सर्व साधु और सरस्वती जिन मन्दिर सुखकार | आदिनाथ भगवान को मन मन्दिर में धार ||
व्हाला आदिनाथ में तो पकड्यो तारो हाथ, मने देजो सदा साथ .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो आव्यो तुम पास .. लइ मुक्तिनी एक आश, मने करशो ना निराश .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो ... (१)
आदिनाथ प्रभु हर रूप में मिल जाते हैं, मौन, आहट या मुस्कान में। जीवन कर्मों की खेती है, जो बोएगा वही काटेगा। नेकी बाँटने वाला स्वयं भी सुगंधित होता है। सच्चा तीर्थ बाहर नहीं, भीतर की श्रद्धा और साधना में है।
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":0,"CreatedOn":"2026-06-15T17:18:23.587","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":622,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"लागी रे लागी रे लागी -3\r\nलागी रे लागी रे लागी-3\r\nलागी लगनवा छोड़ी न छुटे,\r\nऋषभ जिनन्द दयाल हो मोरी लागी लगनवा","MetaTitle":"Saat Jatra Mashup (7 Yatra) | सात जात्रा मैशप","SeName":"saat-jatra-mashup","Title":"सात जात्रा मैशप","Body":"
mashup, saat jatra, 7 yatra
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लागी रे लागी रे लागी -3 लागी रे लागी रे लागी-3
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लागी लगनवा छोड़ी न छुटे, ऋषभ जिनन्द दयाल हो मोरी लागी लगनवा विमल अचल मंडण दुः ख खंडण मंडण धर्म विशाल हो मोहे लागी लगनवा ऋषभ जिनन्द ..
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लागी रे लागी रे लागी-3 लागी रे लागी रे लागी-3
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तारजे डुबाडजे, बचावजे सम्भाळजे स्विकारजे संवारजे, भवपार तू उतारजे सगळू तने सौपी दिधु आदिश्वर भगवान रे-2 सगळू तारु राखजे, एक बात मारी मानजे सिद्धाचल थी सिद्धशिला नो मार्ग मुजने बताडजे मोक्ष थाय त्या सुधी प्रभु तारा शरणे राखजे सगळू तने सौपी दिधु आदिश्वर भगवान रे
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सिद्धगिरिने भेटवा नो भाव जाग्यो रे गिरिवरनी भक्ति मा मारू मनडो लाग्यो रे भवसागर ने तरवा माटे गिरिवर नैय्या छे उज्जवल गिरिने भेटता बस हर्षित हैय्या छे शत्रुंजय गिरीराज ने मैं आराधो रे गिरीवरनी .....
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एक मनोरथ एवो छे, मोक्षे मारे जावू छे भवथी पार उतरवु छे, सिद्धशिलाए भडवू छे मारा हृदय नो एकज नाद, जय आदिनाथ जय जय गिरिराज-2 शत्रुंजय थी मोक्ष मझार, भवथी पार करो किरतार जय जय जय श्री आदिनाथ-4
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गिरिराज प्यारो लागे मने-2 शत्रुंजय की पावन मिट्टी सिर पर हम लगाएंगे ऋषभ के परमाणुओं से जीवन धन्य बनाएंगे गिरिराज प्यारो लागे मने-2
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दादा आदिनाथ बुलावे-2 सात जात्रा करने आये हम, सात जात्रा करके जाएंगे ए काम बढ़ता ही जावे चले चलो चले चलो, मोह गिरिराज बहकावे चले चलो मोह हमसे जीत ना पाए चले चलो चले चलो, मिट जावे जो टकरावे चले चलो, दादा आदिनाथ बुलावे चले चलो चले चलो
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आज आनंद अंग अंग जाग्यो जाग्यो-2 आज आंगन गुलाल रंग लाग्यो लाग्यो-2 आज आनंद ..... शत्रुंजय सोहे, प्रभु मन मोहे सिद्धाचल सोहे, ऋषभ मन मोहे भय भव भवनी यात्रा नो भाग्यो भाग्यो-2 मारा ऋषभ थी मोक्ष मैं तो मांग्यो मांग्यो-2 आज आनंद ....
लागी रे लागी रे लागी -3 लागी रे लागी रे लागी-3 लागी लगनवा छोड़ी न छुटे, ऋषभ जिनन्द दयाल हो मोरी लागी लगनवा
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":0,"CreatedOn":"2025-06-28T15:42:24.813","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":523,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"आदीनाथा मेरी अरदास है\r\nतेरे दर्शन की प्यास है हो ... तेरे दर्शन की प्यास है\r\nतू मेरी सांसे तू मेरी धड़कन\r\nतेरे चरणो मे मै हूं अर्पण","MetaTitle":"Aaya Din Aakha Teej Ka Hey Aadeshwara | आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा","SeName":"aaya-din-aakha-teej-ka-hey-adeshwara","Title":"आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा","Body":"
aaya din aakha teej ka hey adeshwara, aaya, aaya din
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आदीनाथा मेरी अरदास है तेरे दर्शन की प्यास है हो ... तेरे दर्शन की प्यास है
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तू मेरी सांसे तू मेरी धड़कन तेरे चरणो मे मै हूं अर्पण तेरी ही तो भक्ति से दादा हर खुशि मिली है
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आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा पारणा करे है वर्षी तप का हे जिनेश्वरा आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा
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संयम धारी ऋषभ प्रभुजी जी, तेरहा मास भटके पर ना आहार समझा कोई भी कोई घोड़ा बैराये, कोई सोना बैराये पर ना आहार बैराया कोई भी श्रेयांस ने पूर्व ज्ञान से , प्रभु का बड़े बहुमान से, इच्छू के रस से आज पारणा किया था ....
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आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा पारणा करे है वर्षी तप का जिनेश्वरा आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा
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तूझसे धरा है रौशन, तेरी वाणी अनुपम तेरे मुख से प्रभु जी अमृत बरसे है मुक्ति का तू ही दाता, तू ही जग का विधाता दर्शन से तेरे मन की कलियां खिली है तप जो वर्षीतप का धारे, उसको तू पार उतारे, कर्म कटे है मुक्ति मंजिल मिली है
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आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा पारणा करे है वर्षी तप का जिनेश्वरा आया दिन आखा तीज का हे आदिश्वरा
आदीनाथा मेरी अरदास है तेरे दर्शन की प्यास है हो ... तेरे दर्शन की प्यास है तू मेरी सांसे तू मेरी धड़कन तेरे चरणो मे मै हूं अर्पण
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":0,"CreatedOn":"2025-06-28T15:39:01.854","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":522,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"चाँद सितारे फूल और खुशबू ... (2)\r\nये तो सारे पुराने हैं,\r\nशत्रुंजय में सजके बैठा,\r\nहम उसके दीवाने हैं।","MetaTitle":"Shatrunjay Me Sajke Betha | शत्रुंजय में सजके बैठा","SeName":"shatrunjay-me-sajke-betha","Title":"शत्रुंजय में सजके बैठा","Body":"
shatrunjay me sajke betha, shatrunjay, shatrunjay mein
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चाँद सितारे फूल और खुशबू ... (2) ये तो सारे पुराने हैं, शत्रुंजय में सजके बैठा, हम उसके दीवाने हैं। हो हो ..
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मरुदेवा के नंदन प्यारे ... (2) प्रथम जिनेश्वर हमारे हैं, शत्रुंजय में ...
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भक्तों पे बरसता प्यार जहाँ, आँखों से झलकता स्नेह जहाँ। (2) अद्भुत मुद्रा में बैठ प्रभु, रखते भक्तों का ध्यान सदा। पालीताना पावन भूमि ... (2) दादा का दरबार लगा, गिरिराज के दर्शन करने, भक्तों का यहाँ ठाठ लगा ..
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तुझको पाकर हम धन्य हुए, तुझमें खोके मदमस्त हुए। (2) तेरी ही प्रीत में हैं दादा, दुनिया को जैसे भूल गए। तुझ बिन जीवन की ये कल्पना ... (2) कर सकना नामुमकिन है, रोम रोम में नाम तुम्हारा, अंकित कहे अर्ज़ी है ..
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चाँद सितारे फूल और खुशबू ... (2) ये तो सारे पुराने हैं, शत्रुंजय में सजके बैठा, हम उसके दीवाने हैं। हो हो ..
ऋषभजी बोलावे छे, एना सपना आवे छे जे एना थई जावे छे, एना ए थई जावे छे. ऋषभजी बोलावे छे ...
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सपनामां एनाथी वातो थाय; आंख खूले त्यां सौ पहेला देखाय, होठ ने हैयुं एना गीतो गाय; एना नाम - स्मरणथी सघळुं थाय, ए आवशे ... कोई पण रीते ... एनी यादमां ... रातो वीते ... अधराते हरखावे छे ने मधराते मलकावे छे ... ऋषभजी बोलावे छे ...
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एनो एक भरोसो साचो थाय : एनी पासे हैयु आ खोलाय. आम जुओ तो दूर रहे छे कयांय ; आम तो जाणे साव समीप कहेवाय, ए त्यां रहे ... हुं अहीं रहु, तो पण सुणे ... हुं जे कहुं ... पछी एक ईशारे आवे छे ने हळवेथी समजावे छे ... ऋषभजी बोलावे छे ...
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":1,"CreatedOn":"2025-06-28T11:53:36.055","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":490,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"गिरिराज ... आदिनाथ ...\r\nबैठे है ... मेरे भीतर में ... (3)\r\nतीर जाऊ में भव समंदर से,\r\nतीर जाऊ में भव समंदर से","MetaTitle":"Giriraj Aadinath Baithe Hai | गिरिराज आदिनाथ बैठे है","SeName":"giriraj-aadinath-baithe-hai","Title":"गिरिराज आदिनाथ बैठे है","Body":"
giriraj adinath baithe hai, giriraj
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गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (3) तीर जाऊ में भव समंदर से, तीर जाऊ में भव समंदर से गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (2)
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अनंते सिद्धो को मे वंदन करूं, आदिनाथ दादा का सुमिरन करूं (2) सिद्ध अनंत तेरे तर कंकर में ... (2) गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (2)
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शांतिनाथ आदिनाथ पुंडरिक स्वामि, जय तलेटी रायण पादुका को प्रणाम (2) भाव चउते है शत्रुंजय शिखर में ... (2) गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (2)
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तेरे सामने ... ईक ईक कदम जो भरे, तर कदम पे भवोभव के कर्म खरे (2) ऐसी श्रद्धा है सभी के अंतरमें ... (2) गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है .. मेरे भीतर में ... (2)
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आये पूर्व निन्याणं दफे आदिनाथ, मुक्ति पाये असंख्य, तेरी महिमा अथाग (2) कही महिमा तेरी तो सीमंधरने ... (2) गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (2)
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मुक्ति प्राप्त करने केवलज्ञान वरूं, शक्ति मेरी नही परमें भक्ति करूं (2) अर्ह अर्ह बजे दिल वाजिंतर मे ... (2) गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (2)
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आत्म कमलमें लब्धि के फूल खीले, पद्म 'अजित' संस्कार को विक्रम मीले (2) डुबुं तेरे कृपारस निर्झरमें ... (2) गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (2)
गिरिराज ... आदिनाथ ... बैठे है ... मेरे भीतर में ... (3) तीर जाऊ में भव समंदर से, तीर जाऊ में भव समंदर से
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":0,"CreatedOn":"2025-06-27T18:26:59.642","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":470,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे,\r\nराजा ऋषभ देव महरबान लागे छे।\r\nआज अनंता सिद्धोंनो एहसान लागे छे,\r\nशाश्वत सुखना अही सम्मान लागे छे।","MetaTitle":"Siddhachal Darbar Jajarmaan Laage Che | सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे","SeName":"siddhachal-darbar-jajarmaan-laage-che","Title":"सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे","Body":"
sidhachal, siddh, siddhachal
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सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे, राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे। आज अनंता सिद्धोंनो एहसान लागे छे, शाश्वत सुखना अही सम्मान लागे छे। सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे ...
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केवो ऐनो ठाठ छे ने क्यो छे रुआब, शत्रुंजय ना भाग नु श्री ऋषभ जी गुलाब। फूलों ना झूला मा कोई मेहमान लागे छे (2) राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे (2) सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे ...
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कोई जे ना आपे ऐतो सघडू आपे छे, मारा ऋषभ जी तो मारु ध्यान रखे छे। ऐना हृदय करुणा नु महागान लागे छे (2) राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे (2) सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे ...
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जुओ गगन नो संग करे छे गर्वो गिरिराज, धरती ने आकाश पर छे ऋषभ जी नो राज। भारत नी भूमि नु आ वरदान लागे छे (2) सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे (2) राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे ...
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रोज सवारे आंखों जुवे सूरपर्यामय ने संग, ऋषभ जी नी गुनकीर्ति नो उछाड़ तो उमंग। तीर्थ नु आ तीर्थ आलीशान लागे छे (2) सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे (2) राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे ...
सिद्धाचल दरबार झाझरमान लागे छे, राजा ऋषभ देव महरबान लागे छे। आज अनंता सिद्धोंनो एहसान लागे छे, शाश्वत सुखना अही सम्मान लागे छे।
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":2,"CreatedOn":"2025-06-27T18:22:04.155","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":468,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम |\r\nउपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम ||\r\nसर्व साधु और सरस्वती जिन मन्दिर सुखकार |\r\nआदिनाथ भगवान को मन मन्दिर में धार ||","MetaTitle":"Shri Aadinath Chalisa | श्री आदिनाथ चालीसा","SeName":"shri-adinath-chalisa","Title":"श्री आदिनाथ चालीसा","Body":"
शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम || सर्व साधु और सरस्वती जिन मन्दिर सुखकार | आदिनाथ भगवान को मन मन्दिर में धार ||
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":0,"CreatedOn":"2025-06-26T15:27:44.334","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":433,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":null,"MetaDescription":"दादा आदेश्वरजी, हो दादा आदेश्वरजी दूर थी \r\nआव्यो दादा दर्शन द्यो\r\nकोई आवे हाथी घोड़े, \r\nकोई आवे चढ़े पालने ... (2)","MetaTitle":"Dada Aadeshwarji | दादा आदेश्वरजी","SeName":"dada-aadeshwarji","Title":"दादा आदेश्वरजी","Body":"
dada aadeshwarji, dada adeshwar
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दादा आदेश्वरजी, हो दादा आदेश्वरजी दूर थी आव्यो दादा दर्शन द्यो
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कोई आवे हाथी घोड़े, कोई आवे चढ़े पालने ... (2) कोई आवे पग पड़े ... (2) दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ...
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शेठ अवे हाथी घोड़े, राजा अवे चढ़े पालने ... (2) हूं एवं पद पड़े .. (2) दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ...
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कोई मूक सोना रूपा, कोई मूक मोर ... (2) कोई मूके चपटी चोखा ... (2) दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ...
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शेठ मूके सोना रूपा, राजा मूके मोर ... (2) हूं मूकु चपटी चोखा ... (2) दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ... कोई मांगे कंचन काया, कोई मांगे आंख ... (2) कोई मांगे चरण नी सेवा ... (2) दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ...
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पांगलो मांगे कंचन काया, आंधलो मांगे आंख ... (2) हूं मांगू चरण नी सेवा ... (2) दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ...
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हीर विजय गुरु हीरलो, ने वीर विजय गूं गाए (2) शांतुंजय न दर्शन करता आनंद अपार दादा ने दरबार, हां हां दादा ने दरबार दादा आदेश्वरजी ...
दादा आदेश्वरजी, हो दादा आदेश्वरजी दूर थी आव्यो दादा दर्शन द्यो कोई आवे हाथी घोड़े, कोई आवे चढ़े पालने ... (2)
","AllowComments":true,"PreventNotRegisteredUsersToLeaveComments":false,"NumberOfComments":0,"CreatedOn":"2025-06-25T11:28:12.609","Tags":[],"Comments":[],"AddNewComment":{"CommentText":null,"DisplayCaptcha":false,"Id":0,"CustomProperties":{}},"Id":386,"CustomProperties":{}},{"MetaKeywords":"Vhala Adinath","MetaDescription":"व्हाला आदिनाथ में तो पकड्यो तारो हाथ,\r\nमने देजो सदा साथ .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो\r\nआव्यो तुम पास .. लइ मुक्तिनी एक आश,\r\nमने करशो ना निराश .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो ... (१)","MetaTitle":"Vhala Adinath | व्हाला आदिनाथ","SeName":"vhala-aadinath","Title":"व्हाला आदिनाथ","Body":"
Vala Adinath, Vhala adinath, Vhala aadinath
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व्हाला आदिनाथ में तो पकड्यो तारो हाथ, मने देजो सदा साथ .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो आव्यो तुम पास .. लइ मुक्तिनी एक आश, मने करशो ना निराश .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो ... (१)
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तारा दर्शनथी मारा नयनो ठरे छे .. नयनो ठरे छे, रोमे रोमे आ मारा पुलकित बने छे .. पुलकित बने छे, भवोभवनो मारो उतरे छे थाक, हुं तो पामुं हळवाश, हो ... व्हाला आदिनाथ हो ... (२)
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तारी वाणीथी मारुं मनडुं ठरे छे ... मनडुं ठरे छे, कर्मवर्गणा मारी क्षण क्षण खरे छे ... क्षण क्षण खरे छे, ठरी जाय छे मारा कषायोनी आग, छूटे राग-द्वेष नी गांठ, हो ... व्हाला आदिनाथ हो ... (३)
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तारा आज्ञाथी मारुं हैयुं ठरे छे ... हैयुं ठरे छे, तुज पंथे आगळ वधवा सत्त्व मळे छे ... सत्त्व मळे छे, टळी जाय छे मारो मोह अंधकार, खीले ज्ञान अजवाश, हो ... व्हाला आदिनाथ हो ... (४)
\r\n
तारुं शासन पामीने आतम ठरे छे ... आतम ठरे छे, मोक्ष मार्गमां ए तो स्थिर बने छे ... स्थिर बने छे, मळ्यो तारो मार्ग, मारा केवा सद्भाग्य, मारा केवा धन्यभाग्य, हो ... व्हाला आदिनाथ हो ... (५)
व्हाला आदिनाथ में तो पकड्यो तारो हाथ, मने देजो सदा साथ .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो आव्यो तुम पास .. लइ मुक्तिनी एक आश, मने करशो ना निराश .. हो .. व्हाला आदिनाथ हो ... (१)