Monday, 28 September, 2026
वीर प्रभुजी पधारो राज, वीर प्रभुजी पधारो;
विनंती मुझ अवधरो राज, वीर प्रभु - ए आंकिनी
चंदनबाला अति सुकुमाला, बोले वयण रसाला;
हाथने पगमें जड़ी दिया ताला, सांभलो दिनदयाला। राज ...
कठिन है मुझ कर्म कहानी, सुनो प्रभु मुझ वाणी,
राजकुमारी हूँ चौटे वेचाणी, दुःखतणी नहीं खामी। राज ...
तातज मारो बंधन पड़ियो, माता मरण ज पामी,
मस्तकनी वेणी कतरणी, भोगवी मे दुःखखाणी। राज ...
मोंघी थी हूँ राजकुटुंबमा, आज छूं तीन उपवसी,
सुपडाना खणे अदडना बाकुळा, शूं कहूं दुःखनी राशी। राज ...
श्रावण भादरवा मासनी पेरे, बरसे आंसुनी धारा,
गद्द गद्द कंठे चंदनबाला, बोले वचन करुणाला। राज ...
दुःख ए सगळूं भूलायूं पूर्वनुं, आपना दर्शन थाता,
दुःख ए सगळूं हियें ज आवे, प्रभु तुज पाछा जाता। राज ...
चंदन बालानी अरिजी सुनीने, नीर नयनों में निहाले,
बाकुळा लै वीर प्रभु पधारे, दया करी दिन दयाले। राज ...
सोवन करी त्यां थई वृष्टि, साड़ी बार कोड़ी सारी,
पंच दिव्य तत्काल प्रगटयां, बंधन सर्व विदारी। राज ...
संयम लै काज सुधारे, चंदनबाला कुमारी,
वीर प्रभुनी साहुनी पहली, पंच महाव्रत धारी। राज ...
कर्म खापवी मुक्ति सीधाव्या, धन्य सति शिरदारी,
विनय विजय कहे भाव धरीने, वंदूं हूँ वारंवारी। राज ...
Source: Sarvangi Savani
Paryushan Sajjay | Sajjay


