Tuesday, 6 October, 2026
मड़वा प्रभु हरपल तने, मन मारु बावरु,
सपना माही देखाय छे, माने मुखडूं तहरु (2)
भूली शाकूं ना तने, ऐवो माने प्रेम छे,
तारा विना जीवि शाकू ना, एवु माने प्रेम छे,
भूली शाकूं ना हूँ तने, ऐवो माने प्रेम छे,
तारा विना जीवि शाकू ना, एवु माने प्रेम छे।
कोईक भावना, स्नेह जाने,
जागी गयो छे, जाने अंजाने,
तारीज यादोंमा, जीवन वितावूं प्रभु।
दूरे जावूं पण, जाई शाकू ना,
जवा छे तुझने, जोई शाकू ना,
कैवी रीते हूँ तुझें, रीझावूं प्रभु।
रामतूं रहे स्मरणोमाही, आ मंदु मारु,
मदतूं जन्मो जन्म, माने शासन तारु।
भूली शाकूं ना तने, ऐवो माने प्रेम छे,
तारा विना जीवि शाकू ना, एवु माने प्रेम छे,
भूली शाकूं ना हूँ तने, ऐवो माने प्रेम छे,
तारा विना जीवि शाकू ना, एवु माने प्रेम छे।
Source: Dhairya Rathod


