Tuesday, 6 October, 2026
नेमजी कागल मोकले
निशदिन राजुल हाथे (2)
हवे अमे सैयम लैशु
तमे चलो हमारी साथ (2)
अमे चिये गढ़ गिरनारमा
सुंदर सहसावन मा (2)
तिहां तमे वहेला पधारजो
जो होय सैयमनो मन (2)
नेमजी कागल मोकले
निशदिन राजुल हाथे (2)
हवे अमे सैयम लैशु
तमे चलो हमारी साथ (2)
कहशो अमने कह्यूं नहीं
आठ भावनी हो प्रीत (2)
वधतु वालम वालमा
ए छे उत्तम रीत (2)
नेमजी कागल मोकले
निशदिन राजुल हाथे (2)
हवे अमे सैयम लैशु
तमे चलो हमारी साथ (2)
लेख वांचिने राजमति
चढिया गढ़ गिरनार (2)
स्वामी हाथे सैयम लिधु
पाले पंच आचार (2)
नेमजी कागल मोकले
निशदिन राजुल हाथे (2)
हवे अमे सैयम लैशु
तमे चलो हमारी साथ (2)
धन्य राजुल धन्य नेमजी
धन्य बएउनी प्रीत (2)
सैयम पाली मुक्ते गया
रूप वंदे निशदिन (2)
नेमजी कागल मोकले
निशदिन राजुल हाथे (2)
हवे अमे सैयम लैशु
तमे चलो हमारी साथ (2)
Source: Harshit Singh Baid


