Tuesday, 6 October, 2026
यहाँ वहाँ सारा जहाँ देख लिया पर
जैन धर्म सा धर्म नहीं है
यूँ तो जग में कई पर्व हैं पर
पर्युषण जैसा कोई पर्व नहीं
जहाँ क्षमा पाना हो
पापों का नाश हो
गुरुओं का ज्ञान हो
और बढ़े मन का संयम
पर्वों का यह राजा है जो
खोलता मुक्ति के द्वार को
यह पर्व महान
जैनों की यह शान
पर्युषण महान
जय जिनशासनम्
जय जिनशासनम्
जय जिनशासनम्
राग द्वेष को त्यागना है और
समता को अपनाना है
अहिंसा परमो धर्म का झंडा
घर घर में फहराना है
देना है संदेशा जीव दया का जन जन को
सफल करे इस जीवन को
सबके मन में बढ़े भक्ति भाव
यह पर्व महान
जैनों की यह शान
पर्युषण महान
Source: Dhairya Rathod


