Wednesday, 30 September, 2026
वीर वचनों पर विश्वास करि,
आ विषयों ने हु ठुकरावु छु ...
बेरंगी आ संसार त्यागीने,
राजपथ ना रंगे रंगावु छु।
तने वंदन लाखो लाखो,
तने वंदन लाखो लाखो,
अमारी बेहनी छे आखो,
तने वंदन लाखो लाखो।
राजपथ पर जनारा,
तने वंदन अमारा,
राजनंदन अमारा,
तने वंदन अमारा।
तने वंदन अमारा, तने वंदन अमारा।
ओ कलयुग ना सितारा, तने वंदन अमारा।
राजपथ पर जनारा,
तने वंदन अमारा। (2)
हु काईक छु ए भ्रमना छे,
एना थी दुखों बामना छे।
बस हु छु एविमात्र छे,
त्या सर्व स्वीकार नी यात्रा छे।
बस आनंद छे आनंद छे ज्या,
लेश मात्र संकलेश नहीं।
भाव भ्रमनों नी यात्रा नो तो,
अंत छे अनंत नहीं।
सर्व स्वीकार नी संयम यात्रा,
सादी अंतन छे वीरे कही।
भाव भ्रमनों नी यात्रा नो तो,
अंत छे अनंत नहीं।
स्वामी तमारो थाईने जे,
विश वचन आपुन तमने।
तमे अमारा थाईने रहशु,
वचन आपो अमने।
वीरती ना देशनो जे श्रृंगार धरे,
राजपथ ना पंथ नो जे स्वीकार करे।
रंग संसार नो, संग परिवार नो,
चेत्ये जे ... चेत्ये जे ...
वीर आनंदधारी, मुक्ति आवु शरणे,
जे सजे ... जे सजे ...
रंग वैराग्य नो, शोभे छे त्यागनो,
जेने छोड़ा छे सुखो तमाम ...
लक्ष्य ने आपवा, मोक्ष ने पामवा,
राजपथ नी मंडी छे यात्रा।
छोड़िने चल्या रे वैरागी,
अजाबनी छे एनी खुमारी।
छोड़िने चल्या रे वैरागी,
अजाबनी छे एनी खुमारी।
राजपथनु ... विश्वमा जय जयकार हो।
रफतनु ... विश्वमा जय जयकार हो।
हु मांगु परमनो पथ,
मारा संयम मनोरथ।
मने लागी संयम नी रत,
मने जावु राजपथ।
गुरुवारे लाई शपथ,
मारा संयम मनोरथ।
जागी गयो, जागी गयो रे ...
वीरना थाईने वारस,
वीर बनवानी छे आस।
वीरती वेश लाईने,
भाव थी करवानी छे प्यास।
सत्व एवु जागी गयू,
मारु मन वैरागी बन्यु।
आतम मारो मुक्ति पथ ने,
क्यारे वर्षे ...
रफत क्यारे मडशे,
राजपथ क्यारे मडशे।
क्यारे मडशे, क्यारे मडशे, क्यारे मडशे ... (2)
शुभं भवः, श्रेयम भवः, मंगल भवः, कल्याणं भवः।
साधु जीवन की खूबसूरती में,
साधु जीवन की खूबसूरती में,
मंडो ... के मंडो ...
मंडो लागो रे, लागो रे, वीरती ने।
मंडो लागो रे, लागो रे, लागो रे, लागो रे,
राजपथ में।
मडशे ओघो ... भ्रमता रख दुख हरता।
ना कोई बीजु ... आ जगमा सुख हरता।
हियाथी थाई बधा, नेमी ना थाई बधा।
आज रुडा संकल्पो, ओसे थी ग्रह बधा।
वंदो रे, वंदो रे, रजोहरण ने वंदो रे।
भाव धरी आनंदो रे,
दीक्षार्थी अमर रहो,
जिन शासन नो जय जयकार।
राजपथ नो जय जयकार। (2)
संयम ना भाव नी करो ने परीक्षा।
संयम ना वेश नी करू हु प्रतीक्षा।
मने तो लेवावी, लेवानी छे दीक्षा।
मारे तो लेवावी, लेवानी छे दीक्षा।
लेवानी लेवानी लेवानी छे दीक्षा।
लेवानी लेवानी लेवानी छे दीक्षा। (2)
जेना पावन पगला थी,
धरती धबकार करे।
ने वीर प्रभु नो वेश धरी,
संयम श्रृंगार करे।
देवो पन साधु जीवन नो,
जय जयकार करे।
जय जयकार करे। (2)
संसार नो राग तोड़ी,
वितराग ना रहे दौड़ी। (2)
मुक्ति ना रंगे भीजवा,
पीवो नेम नो वीरती रस।
वीरती वीरती वीरती,
वीरती रस ...
राज राज राज,
राजपथ। (2)
Source: Sani Shah | Jainam Varia |
Manan Sanghvi | Piyush Shah |
Devansh Doshi | Prasanth Shah (Dhirubhai)
| Paras Gada | Bhavik Shah | Harshit Shah | Jatin Bid


