आओ पधारो सब भक्तों जण,
पौष दशम रो दिन आयो,
वामानंदन राज दुलरू,
पार्श्व प्रभु नो जन्म हुओं,
पार्श्व प्रभु नो जन्म हुओं
खम्मा घणी खम्मा घणी
म्हारे पारस जी ने खम्मा घणी
खम्मा घणी खम्मा घणी
म्हारे भेरुजी ने खम्मा घणी
नाकोड़ा रो कण कण बोले सा
पारस जी ने खम्मा घणी
भक्ता रो तन मन बोले सा
भेरुजी ने खम्मा घणी
खम्मा घणी खम्मा घणी
म्हारे पारस जी ने खम्मा घणी
खम्मा घणी खम्मा घणी
म्हारी भेरुजी ने खम्मा घणी
नाकोड़ा रो कण कण बोले सा
पारस जी ने खम्मा घणी
भक्ता रो तन मन बोले सा
भेरुजी ने खम्मा घणी
फुलौरी थाली ल्याई सा,
केसरी झाली ल्याई सा,
थारी पूजा सेवा करवा थी
मारू आतम पावन होवे सा
मारू आतम पावन होवे सा
खम्मा घणी खम्मा घणी
म्हारे पारस जी ने खम्मा घणी ...
हारे रो सहारा नाथ मारो
भक्ता रा कष्ट मिटावे है
अंधियार भरी या राता में
दिवड़े री ज्योत जलावे है
दिवड़े री ज्योत जलावे है
खम्मा घणी खम्मा घणी
म्हारे पारस जी ने खम्मा घणी ...
Source: Neha Ostwal


