tara derethi, tara derethi bolavjo

समय नी आ सुनी सुनी, सफरनी डगरने,
पगलुं जड्युं छे तारुं आज ... व्हालाने शोधी रह्यं आ,
बाळक ने सूनं सूनं, मनडुं रहे छे आ उदास ...
में तो दीवडा प्रगटाव्या मारा रोम रोममां,
वेदना मारे हवे सहेवाय ना ...

तारा देरेथी बोलावजो, मुज मनना मोहनिया,
हवे जल्दीथी तेडावजो, मुज मनना मोहनिया ...
हुं दर्शननो तरस्यो ... तमे मारा छो दरिया
हवे जल्दीथी तेडावजो, मुज मनना मोहनिया ...

तारी प्यारी यादो मां, समय रडी जाय तो,
वधु दूरे मुजने ना तमे राखजो ... पळ पळ पापणथी वरसे,
प्रेमनो प्रवाह तो, भींजावू मुजने छे द्वार ने उघाडजो ...

 

Source - Tara Dere Bolavjo