तूंने खूब दिया, सब भक्तों को (2)
अब आज हमारी बारी है। (2)

थोडा - थोडा देने से काम ना चल
मुझको तो आज जी भर के मिले (2)
बहत दिनों इन्तजार किया
दादा ने मांगने का मौका दिया
यह सोच लेतूं, यह मान लेतूं।। (2)
अब आज हमारी बारी है,
तूंने खूब दिया ...

मांगते है दादा तुमसे इतना
मेरा गुजारा चलता रहे (2)
तेरा दिया हुआ खाता रहं
बस तेरा दश्शन मुझे मिलता रहे
चाहे कुछ भी करो, इन्कार ना करो॥
अब आज हमारी बारी है,
तूंने खूब दिया ...

मांगने में मेरा जाता है क्या
दादा से जी भर मांगूगा (2)
आज तो मैं इतना ले जाऊंगा,
मांगने दुबारा न आऊंगा
थोड़ा ध्यान रखना, मेरी लाज रखना, अब आज॥
अब आज हमारी बारी है,
तूंने खूब दिया ...

Source: Bhakti