नेमि रे ... नीम रे ...
गढ गिरनार सोहाया ...
ऊंचा ऊंचा रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई,
कण कण शोभे रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
नेमि रे ... नेमि रे ...
गढ गिरनार सोहाया ... (2)
शिवा माताना दुलारा, समुद्रविजय ना नंद
राजीमतीना कंत प्यारा, आपे परमानंद
सुणे सुणे रे पशु पोकार,
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
चालो जईए रे गढ गिरनार,
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
दिक्षा केवल ने मुक्ति रे, प्रभु थया शिवकंत
भाविना तमाम जिनो, थाशे शिवसंत
रोमे रोमे रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
श्वासे श्वासे रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
सिद्धाचलनुं शिखर, शाश्वतो गिरनार
आवे भविक गिरनार, तारे भव संसार
जपो जपो रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
जय जय बोलो रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
नेमि रे ... नेमि रे ...
गढ गिरनार सोहाया ...
ऊंचा ऊंचा रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई,
कण कण शोभे रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई ...
Source: Pravesh Malani | Gautam Baria


