संसारना सह वैभव छोडी, राख्या कुल ना नाम,
बेनी छोड चली संसार ...

जान भी है पहचान भी है, वो चली गुरूजी के पास,
बेनी छोड चली संसार ...

आये सूरिजी लाने चेलीजी, ले गये वैरागण को साथ,
देखो कैसा रीब रीराज, वेनी छोड चली संसार ...

जातानी रोवे पिता भी रोदे
भैया करे रे पुकार,बेनी छोड चली संसार ...


साई गी रोपे मानी भी गये, भतीजा करे रे पुकार,
भुआ छोड चली संसार ...

वहन भी रोवे बहनोईशा भी रोवे, भाणेजा करे रे पुकार,
मासी छोड चली संसार ...

सखिया भी रोवे सहेलियां भी रोवे, पर्खासी करे रे पुकार,
बेनी छोड चली संसार ...

Source: Umang Bhavsar | Prasham Shah |

       Samprati Shah | Parshva Shah