जीवन मे सदा,
गुरु का साथ हो,
उनकी ही कृपा से भव तरे ...
उनके ही चरण मे,
ले ले हम शरण,
उनकी छाया मे हम रहे ...
वो मात पिता, वो जग मेरा
ऊन जैसा दुजा कोई नहीं
मेरे गुरु बराबर कोई नहीं
मेरे गुरु बराबर कोई नहीं
वो दीप बने, मुझे राह दिखे
ऊन जैसा दाता कोई नहीं
मेरे गुरु बराबर कोई नही
मेरे गुरु बराबर कोई नहीं
गुरु है जैसे बेहती धारा,
वो ही सत्य वो ही सहारा,
गुरु मेरे जैसे शीतल चंद्रमा ...
गुरु ग्यान की एक है ज्योती,
गुरुवानी जैसे मोती,गुरु भक्ती ही है साधना ...
गुरु दाता है गुरु माता है,
वो ही तो सबके विधाता है,
गुरु मार्ग सच्चा है दिखते ...
हर एक सुख दुःख मे
साया बनके गुरुवर मेरे साथ चले
उन जैसा साथी कोई नहीं
उन जैसा साथी कोई नहीं
वो मात पिता, वो जग मेरा
ऊन जैसा दुजा कोई नहीं
मेरे गुरु बराबर कोई नहीं
मेरे गुरु बराबर कोई नहीं
वो दीप बने, मुझे राह दिखे
ऊन जैसा दाता कोई नहीं
मेरे गुरु बराबर कोई नही
मेरे गुरु बराबर कोई नहीं
Source: Dhairya Rathod


