यह 11 इंच की पार्श्वनाथ भगवान की संगमरमर प्रतिमा अत्यंत सुंदर और शांत भाव से निर्मित है, जो ध्यान और भक्ति के लिए उपयुक्त वातावरण बनाती है। प्रभु का मुखमंडल अत्यंत कोमल और स्थिर है, जो आत्मा को भीतर की ओर ले जाने का संकेत देता है। ऊपर का सर्प-छत्र (धरणेन्द्र) उनकी रक्षा और दिव्यता को दर्शाता है। संगमरमर की शुद्धता और सूक्ष्म कारीगरी इस प्रतिमा को घर मंदिर या Derasar में स्थापना के लिए आदर्श बनाती है। यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि साधना और आत्म-चिंतन का केंद्र बन सकती है।