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Library > प्रभु भक्ति
जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाये रे

जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाए रे
होनी अनहोनी कब क्या घाट जाए रे
जितना भी कर जाओगे, उतना ही फल पाओगे
करनी जो कर जाओगे, वैसा ही फल पाओगे

तुमसे लागी लगन - जैन भजन

तुम से लागी लगन,
ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा,
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
निशदिन तुमको जपूँ

तू प्राण हो तुम मान हो

તુમ પ્રાણ હો, તુમ માન હો "ભાવિક" જન કે ભાવ હો..... 
તુમ "પક્ષાલ" પૂજા કી પ્રીત હો 
તુમ સહસાવન કે "સ્મિત" હો... 
તુમ સે હી સબ કા "કૈવલ્ય" હો...

बनु मैं जैन दुबारा
मेरे लिए इतनी सी तुम 
दिल से दुआ करना 
जाऊ जब में दुनिया से  
प्रभु से ये कहना 
हवे तारा नही टम टमे आ आंग

हवे तारा नही टम टमे आ आंगणे
एक संयम नो तारलो झळहळे रे लोल
हवे पूनम नही आवेमारा बारणे
मारा आँसूनो दिरयो घडवडे रे लोल

जगमगता तारलानु डेरासर होजो

जगमगता तारलानु डेरासर होजो,
ईमा म्हारा प्रभुजी नी प्रतिमा होजो
सुंदर सुहामानो डेरासर होजो,
ईमा म्हारा प्रभुजी नी प्रतिमा होजो।

दर्शनं देवदेवस्य, दर्शनं पापनाशनम्

दर्शनं देवदेवस्य, दर्शनं पापनाशनम्।
दर्शनं स्वर्गसोपानं, दर्शनं मोक्षसाधनम्॥ १॥
दर्शनेन जिनेन्द्राणां, साधूनां वन्दनेन च।
न तिष्ठति चिरं पापं, छिद्रहस्ते यथोदकम्॥ २॥

वीर झूले त्रिशला झुलावे
वीर झूले, त्रिशाला झूलेवे
वीर झूले, त्रिशाला झूले, झूलेवे,
धीरे धीरे मीठा
मीठा गीत सुनावे…(2) 

 

जब प्राण तन से निकले, तेरो नाम मुख से निकले

ऐसी दशा हो भगवान, जब प्राण तन से निकले...
जब प्राण तन से निकले, तेरो नाम मुख से निकले..
गिरिराज की हो छाया, मन में न होवे माया
तप से हो शुद्ध काया, जब प्राण तन से निकले (२)

राजा आपो हवे दादा अमरी वाट थाई पूरी

રજા આપો હવે દાદા અમારી વાત થઇ પૂરી
અમારી વાત થઇ પૂરી....
અધુરી વાત છે તોયે આ મુલાકાત થઇ પૂરી...
અમારી વાત થઇ પૂરી...