आणी मनशुद्ध आस्ता, देव जुहारु शास्वता,
पार्श्वनाथ मनवांछितपुर, चितामणि म्हारी चिता चूर ॥१॥
अणयाली तोरी आंखड़ी, जाणे कमलतणी पांखड़ी
मुख दीठा दुख जावे दूर ------- चिंतामणि ||२||
Library > प्रभु भक्ति
25 August, 2023
01 November, 2022
नमोकार मंत्र है न्यारा इसने लाखों को तारा..
इस महा मात्र का जाप करो,
भव जल से मिले किनारा...
णमो अरिहंताणं
23 September, 2022
श्री बाहुबली चालीसा नमूं सदा नवदेवता, मन मंदिर में धार।
बाहुबली भगवान को, करके नमन हजार।।
पूजूं मन वच काय से, करता जय जयकार।
बाहुबली भगवान का, चालीसा सुखकार।।
23 September, 2022
ओ जगत के शान्तिदाता, शांति जिनेश्वर,
जय हो तेरी...
किसको मैं अपना कहूं, कोई नज़र आता नहीं
इस जहाँ में आप बिन कोई भी मन भाता नहीं
23 September, 2022
પૂનમ છે રાત દાદા દર્શન દેવા આવો રે(૨)
મુખલડું બતાવો રે વિન હું જોડે હાથ
વિન હું જોડી હાથ પ્યારા પશ્વ મળવા આવો રે
વિન હું જોડી હાથ….
21 September, 2022
प्रेम भाव हो सब जीवों से, गुणीजनों में हर्ष प्रभो।
करुणा स्रोत बहे दुखियों पर,दुर्जन में मध्यस्थ विभो॥ १॥
यह अनन्त बल शील आत्मा, हो शरीर से भिन्न प्रभो।
ज्यों होती तलवार म्यान से, वह अनन्त बल दो मुझको॥ २॥
20 September, 2022
मंगल मूर्ति परम पद, पंच धरौं नित ध्यान |
हरो अमंगल विश्व का, मंगलमय भगवान |१|
मंगल जिनवर पद नमौं, मंगल अरिहन्त देव |
मंगलकारी सिद्ध पद, सो वन्दौं स्वयमेव |२|
20 September, 2022
जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाए रे
होनी अनहोनी कब क्या घाट जाए रे
जितना भी कर जाओगे, उतना ही फल पाओगे
करनी जो कर जाओगे, वैसा ही फल पाओगे
20 September, 2022
तुम से लागी लगन,
ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा,
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
निशदिन तुमको जपूँ

