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Library > प्रभु भक्ति
अरिहन्तो को नमस्कार

अरिहन्तों को नमस्कार,श्री सिद्धों को नमस्कार,
आचार्यों को नमस्कार, उपाध्यायों को नमस्कार,
जग में जितने साधुगण है, मैं सबको बंदू बार-बार
अरिहन्तों को नमस्कार…

नवकार मंत्र की महिमा

समरो मंत्र भलो नवकार, ऐछे चौदह पूर्व नो सार,
ऐनी महिमा नो नही पार, ऐनो अर्थ अनंत अपार,
सुखमा समरो दुःखमा समरो, समरो दिवसन रात,
जीवंता समरो मरता समरो, समरो सौ संघात

चिंतामणि मारी चिंता चूर

आणी मनशुद्ध आस्ता, देव जुहारु शास्वता,
पार्श्वनाथ मनवांछितपुर, चितामणि म्हारी चिता चूर ॥१॥
अणयाली तोरी आंखड़ी, जाणे कमलतणी पांखड़ी
मुख दीठा दुख जावे दूर ------- चिंतामणि ||२||

नमोकार मंत्र है न्यारा | लता मंगेशकर

नमोकार मंत्र है न्यारा इसने लाखों को तारा..
इस महा मात्र का जाप करो,
भव जल से मिले किनारा...
णमो अरिहंताणं

श्री बाहुबली चालीसा

श्री बाहुबली चालीसा नमूं सदा नवदेवता, मन मंदिर में धार।
बाहुबली भगवान को, करके नमन हजार।।
पूजूं मन वच काय से, करता जय जयकार।
बाहुबली भगवान का, चालीसा सुखकार।।

ओ जगत के शांतिदाता

ओ जगत के शान्तिदाता, शांति जिनेश्वर,
जय हो तेरी...
किसको मैं अपना कहूं, कोई नज़र आता नहीं
इस जहाँ में आप बिन कोई भी मन भाता नहीं

हे दाता हे प्रभु जी

He Daata He Prabhu Ji

 

...
पूनम नी छे रात। महेश मरू

પૂનમ છે રાત દાદા દર્શન દેવા આવો રે(૨)
મુખલડું બતાવો રે વિન હું જોડે હાથ 
વિન હું જોડી હાથ પ્યારા પશ્વ મળવા આવો રે 
વિન હું જોડી હાથ….

सामायिक पाठ

प्रेम भाव हो सब जीवों से, गुणीजनों में हर्ष प्रभो।
करुणा स्रोत बहे दुखियों पर,दुर्जन में मध्यस्थ विभो॥ १॥
यह अनन्त बल शील आत्मा, हो शरीर से भिन्न प्रभो।
ज्यों होती तलवार म्यान से, वह अनन्त बल दो मुझको॥ २॥

विनय पाठ (इह विधि थाडो)

मंगल मूर्ति परम पद, पंच धरौं नित ध्यान |
हरो अमंगल विश्व का, मंगलमय भगवान |१|
मंगल जिनवर पद नमौं, मंगल अरिहन्त देव |
मंगलकारी सिद्ध पद, सो वन्दौं स्वयमेव |२|