निश दिन सुमरो रे नवपद माला
कर्म का टूटे पल में ताला ॥ धू ॥
सुमिरन इस जीवन में दुख हर लेगा।
इक दिन चौरसी का सुख हर लेगा
Library > प्रभु भक्ति
20 September, 2023
14 September, 2023
देखे है मैंने लाख बिछौने नरमी के
एक से एक बढ़कर,
सुलभ न हुआ कोई बिस्तर मेरी माँ
की गोद से बढ़कर
14 September, 2023
यह पर्व पर्यूषण जैनों का, अलबेलों का मस्तानों का,
इस धर्म का यारों २ क्या कहना, यह धर्म है जैनो का गहना,
हो हो ऽऽऽऽ हो ऽऽऽऽ
यहाँ होती अठाई घर घर में, नित होती पूजा मंदिर में
14 September, 2023
अब हम जाते हैं घर, झुकाकर सर
ओ दादा प्यारा, आशिष का करों इशारा ॥
दिल तो जाने को नहीं करता, पर गये बिना भी नहीं चलता,
अब करूं तो कौन उपाय नहीं कोई चारा, आशिष का करो इशारा
14 September, 2023
है ये पावन भूमि, यहाँ बार-बार आना,
गुरुदेव के चरणों में, आकर के झुक जाना,
है ये पावन भूमि …
तेरे मस्तक मुकुट है, तेरी अंगिया सुहानी है
14 September, 2023
पाना नही जीवन को बदलना है साधना,
धुएं सा जीवन मौत है २ऽऽऽ, जलना है साधना,
पाना नही जीवन को…
मुंड मुंडाना बहुत सरल है, मन मुंडन आसान नहीं
14 September, 2023
सुबह और शाम की प्रभु जी के नाम की।
फेरो एक माला, हो हो फेरो एक माला ॥
सकल सार नवकार मंत्र यह परमेष्ठि की माला,
नरकादि दुर्गति का सचमुच जड़ देती है ताला
14 September, 2023
सुख शांति की पुरवईया चले।
घर-घर में मंगल दीप जले॥
शुभ भावनायें ये फूले फले।
घर-घर में मंगल दीप जले॥
14 September, 2023
उड़जा, उड़जा, उड़जा रे हँसा,
खबर तो ला म्हारा महावीर की,
नील गगन का वासी रे हँसा
खबर तो ला म्हारा महावीर की
14 September, 2023
वीर प्रभु माना, अति बलवाना,
वीर वीर रटियो रे, वीर मन बसियो रे
वीर प्रभु माना....
जो कोई गावे, अर्जी लगावे

