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Library > प्रभु भक्ति
जब जब प्रभुजी तोरा दर्शन होगा

जब जब प्रभु जो तोरा दर्शन होगा 
जनम जनम ये पावन होगा 
एक झलक तेरी पाये तो शुद्ध में जीवन होगा ॥ जब ॥ 
पतित पावन प्रमुजी अजर अमर हो 

सुन लो अरज अब म्हारी सांवरिया

सुनलो अरज अब, म्हारी सांवरिया। 
किन बिध पाऊं मैं  थारी डमरिया | 
थारे दर्शन रा ऐ प्यासा नैना ,
वाटडली थारी जोवे 

जिनराया मेरा मन भाया

जिनराया मेरे मन भाया । 
तुम बिन कोई न दिल भाया ॥ 
तू सब दुःख को हरता है 
मोक्ष का मालिक कर्ता है 

भाया वीर भजले...

वीर भजले रे भाया वीर भजले  
जरा सी ओहो। .. थोड़ी सी केहणो  म्हारो मान 
भाया वीर 
मुट्टी बांध्यो आयो रे भाईडा , हाथ पसारयो जासी 

मोरा तो मन बस हर लियो रे

मोरा तो मन हर लियो रे प्रभु तोरी मुरतीया 
आये नजर नही जग मे– रे कोई ऐसी सुरतीया 
मोरा तो मन 
तोरे दरश बिन जियरा न माने 

प्यारे दादा

अजमेर वाले दादा दादा तेरी जय जयकार  
जय जयकार  
तुने मुझे प्यारे दादा 
मैं  आया में प्यारे दादा 

अर्जी सुनो हम लाये

हे शंखेश्वर पार्श्व जिनेश्वर, अर्जी सुनो हम लायें। 
अर्जी सुनो हम लायें 
हे शंखेश्वर 
नाव पुरानी हैं, पार लगानी है 

म्हारी चंदन बाई रो बीरो

कठासु आयो मोती कढासु आयो हिरो 
ठा भयो हे म्हारी चंदन बाई रो बीरो 
शत्रुंजय सु आयो मोती 
गिरनार सु आयो हिरो  

मानुष तन पा करके

मानुष तनपा करके कभी न मन करे अभिमान 
दिल में बसाले भगवान 
धन का भरोसा क्या, कब लूट जायेगा 
तन का भरोसा क्या कब छूट जायेगा 

करता हूँ वंदना मोक्षगामी

करता हूँ वन्दना मोक्षगामी 
रह न जाये कोई मेरी साध स्वामी प्रभु पार्श्व स्वामी 
करता हूँ वन्दना 
में तो आया हूँ आस लगाके अब जाऊँगा दर्शन पाके