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Library > प्रभु भक्ति
मानुष तन पा करके

मानुष तनपा करके कभी न मन करे अभिमान 
दिल में बसाले भगवान 
धन का भरोसा क्या, कब लूट जायेगा 
तन का भरोसा क्या कब छूट जायेगा 

करता हूँ वंदना मोक्षगामी

करता हूँ वन्दना मोक्षगामी 
रह न जाये कोई मेरी साध स्वामी प्रभु पार्श्व स्वामी 
करता हूँ वन्दना 
में तो आया हूँ आस लगाके अब जाऊँगा दर्शन पाके 

मैं नही सुख में कभी तुम्हे याद

मैं नहीं सुख में कभी तुम्हें याद करता हूं 
बस बड़ा भारी यहीं अपराध करता हूँ 
मैं नही 
हूँ सदा करता रहा दुर्ध्यान हर घड़ी

सर पे काल तेरे झुमे

तेरी जाती है जवानी - ये अनमोल जिन्दगानी 
सर पे काल तेरे झूमे- फिर भी करे क्यों नादानी 
तेरी जाती है..... 
दुनिया की है झूठी रिवाजे झूठे रिस्ते नाते  

तु है तो एक सहारा है

ऐक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यार है। 
कर दे नैय्या पार तेरा नाम तारण हारा है। 
तु है तो एक सहारा है 
पार लगा दे नाथ, पार लगा दे माथ मेरी नैय्या मझधारा हैं। 

भांदकजी रा मेला

भांदकजी रा मेला उपर, सारा बेला आइजो हो 
आनों तो भक्तोरी टोली सावे लाईजा हो।   
पार्श्वनाथरी मुरत, मनि प्यारी लागे हो 
सेवा पुजा भक्ती  करता, आनन्द भवि हो।    

तेरे शरणं आया हूँ

तेरे शरणे आया हूँ, कुछ ले के जाऊँगा, 
घागर भर के जाऊँगा, नैय्या पार लगाऊँगा ।।टेर।।
तू सबकी जाने हैं, अंतर पहचाने हैं, 
कर्मा, तुफानों की, माया को जाने हैं। 

दिवाने है

दिवाने है दिवाने को नजर चाहिए 
पार्श्वनाथ बाबा तेरी नजर चाहिए 2 
दिबाने हैं। 
चंदनबाला ने माला जपी नाम की 3 

ये प्यासा है ...

दिल दिवाना प्रभु भक्ति बिन मानेना 
ये प्यासा है बिन दर्शन मानेना !
दिल ये चाहे प्रभु भक्ति में लीन आज हो जाऊ 
सत्य अहिंसा के नियमों पर में चलता ही जाऊ 

मुख से प्रभु नाम को लेता जा

मुख से प्रभु नाम को लेता जा 
जा तुझको स्वर्ग का द्वार मिले 
कंटकमय पथ से बच जाये 
मुक्ती का टिकट तैय्यार मिले ॥धृ॥