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Library > प्रभु भक्ति
प्रभु की भक्ति में

कर ले भजन दिन रात, प्रभु की भक्ति में 
प्रभु की शक्ति में गुरु की भक्ति में      
सोना चांदी सारे महल रह जायेंगें, हाथी घोड़े 
मोटर बगीचे रह जायेंगे 

नवकार गान

हो मिमले मंत्र महान 
मंत्र गिनने से तेरा जल्दी हो जाये कल्याण
नवकार गान ....... 
गिन जरा गिन, की माला गिन जरा गिन 2 

वंदन हो हमारा

तेरा नाम है कितना प्यारा .....  अर्पण हैं ये जीवन सारा 
कुशल गुरु के चरण मे, वन्दन हो हमारा .. 
मैंने मैंने मैने तनमन तुम पर वारा, लेकर के अब शरण तुम्हारा 
कुशल गुरु के चरण मे, वन्दन हो हमारा 

संकट दूर करो

भगवान के चरणों मे 
आये हैं हम आज 
संकट दूर करो गुरु अब तो 
राखो हमारी लाज ॥धृ॥     

जुग जुग तोसे नाता

आनंद दाता जीनवर, निहारो मोरी ओर 
जूग जूग तोसे माता, ज्यो चन्दा और चकोर 
मूरती सुहानी तोरी अमरती आंखें 
किरती तिहारी उड़े, जदपि न पाखे 

प्रभू की प्रतिष्ठा करो

मिल गाये सभी नर नार 
प्रभू को प्रतिष्ठा करो
अवसर यह मिले ना बार बार
प्रभु की प्रतिष्ठा......  

जनम जनम ये पावन होगा

जब जब प्रभुजी तोरा दर्शन होगा 
जनम जनम ये पावन होगा 
एक झलक तेरी ऽ पाये तो 
शुद्ध ये जीवन होगा 

मीठो मीठो बोल

मीठो मीठो बोल थारो काई बिगडे काई बिगड़े
थारो काई बिगडे
आ जीवन मा दम नही 
कब निकले श्वास मालुम नही 

तुमको नमन नमन तुम्हे स्वामी

तुमको नमन नमन तुम्हे स्वामी 
हमको सहारा है तुम्हारा दो किनारा त्रिशला के लाडले 
साधन नही कुछ है मेरे कैसे में गाऊँ गुण तेरे 
अज्ञान और बलहीन हूँ चरणों में आया हूँ तेरे 

पलक पलक तोरी जाये उमरिया

पलक-पलक तोरी जाये उमरिया 
जाके फिर ना आये उमरिया             
है चंचल धारा सा जीवन 
छाया मद में जैसे सावन