नही सुमिरन करे, नही ध्यान लगायें
प्रभू कैसे पार लगाये
रे भज मन विर प्रभू के, सुमिरन विर प्रभू के 2
शुद्ध मन से कभी न नीज को ध्यासा
Library > प्रभु भक्ति
07 October, 2023
07 October, 2023
पंछी उड जायेगा होते ही भोर
पल में कट जायेंगी सांसों की ये डोर
अवसर के रहते ही चाहे कुछ भी सीख
तुझको जग जाना है निंदयों को झकझोर
07 October, 2023
कदम कदम पर मोहे करम सताये
करम सताये हमें चैन न आय ...
इक तो प्रभुजी मोहे कर्म सतायें, लाख चोरासी भ्रमण कराये
भ्रमण कराये स्वामी बड़ा तड़फाये रे ...
07 October, 2023
मन को लगन अब यहाँ
जायेगा अब तू कहा
मन में बसाले, दिल में छुपाले
प्रभु की मूरत यहां
07 October, 2023
उठा जा ओ सोये मानव उठ जा
कौन है ठिकाना जीवन का
फल में यहां से चला जायेगा
हवा में क्यों उड़ जाय तिनका
07 October, 2023
यह चादर भई पुरानी, तू सोच समझ अभिमानी
टुकड़े-टुकड़े जोरि जुगत सो,
सींक अंग लपटानी।
कर डारी मैलो पापन सौ,
07 October, 2023
प्रभु से कोई कह दे, कि तेरे रहते-रहते
अंधेरा हो रहा, कि तुम हो वहां, तो मिलने को यहाँ
कि भक्त गा रहा-प्रभु से
फंसा हूं में कर्मों से,
07 October, 2023
महामंत्र हैं कैसा सुहाना
अब गीत इसी के गाना
मंत्र महासुखकारी है
शुद्ध मन से ध्यान लगाना
07 October, 2023
कर ले भजन दिन रात, प्रभु की भक्ति में
प्रभु की शक्ति में गुरु की भक्ति में
सोना चांदी सारे महल रह जायेंगें, हाथी घोड़े
मोटर बगीचे रह जायेंगे
07 October, 2023
हो मिमले मंत्र महान
मंत्र गिनने से तेरा जल्दी हो जाये कल्याण
नवकार गान .......
गिन जरा गिन, की माला गिन जरा गिन 2

