रोमे रोमे हुं तारो थतो जाउ छु ...
तारा प्रेममां प्रभुजी हुं भिंजाउ छु ...
हवे परवडे नही रहेवानुं ताराथी दूर,
तारे रहेवानु हैयामां हाजरा हजुर,
Library > प्रभु भक्ति
20 December, 2021
05 August, 2021
हे प्रभु हे प्रभु, खुब चाहुं तने...(2)
आप दुरे रहो, ऐ न फावे मने...(2)
आंख श्यामल प्रभु, ने गुलाबी गाल छे...(2)
आभमां वादळा, एटलुं व्हाल छे
22 July, 2021
तेरे जैसा वीर कहा
कहा ऐसा महावीर
याद करे हैं दुनिया
प्रभु सबसे प्यारा....
15 July, 2021
श्री श्रमणसंघस्य शांतिर्भवतु
श्री जनपदानां शांतिर्भवतु
श्री राजाधिपानां शांतिर्भवतु
श्री राजसन्निवेशानां शांतिर्भवतु
24 June, 2021
अरिहंतों को नमो नमः
सिद्धों को नमो नमः
आचार्यों को नमो नमः
उपाध्याय को नमो नमः
17 June, 2021
मेरी बातें क्यों न सुने तूं , ये है मेरा सवाल
तेरी बातें क्यों न मैं मानूं , ये है तेरा सवाल रे
क्या मैं बोलूं तूं ही संभाल
तेरी बात का मरम न समझूं
10 June, 2021
જનમ જનમનો માંગું સાથ
આદિનાથથી અનાદિનાથ
સિદ્ધગિરિથી સિદ્ધશિલા પર જાવું છે
નમો સિદ્ધાણં નમો સિદ્ધાણં ગાવું છે
20 May, 2021
श्री गौतम चालीसा अंगूठे अमृत वसे लब्धि तणा भंडार श्री गुरु गौतम सामरिए वांछित फल दातार ||
13 May, 2021
बनवा अणगार करवा भवपार...
बनवा अणगार करवा भवपार..
तोड्यो जेणे संसारनो बंधन
वैरागी ने वंदन, वैरागी ने वंदन...(2)
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