Personal menu
Search
You have no items in your shopping cart.
Library > प्रभु भक्ति
रोमे रोमे हु आरो थातो जाऊ छू

रोमे रोमे हुं तारो थतो जाउ छु ...
तारा प्रेममां प्रभुजी हुं भिंजाउ छु ...
हवे परवडे नही रहेवानुं ताराथी दूर,
तारे रहेवानु हैयामां हाजरा हजुर,

हे प्रभु हे प्रभु खुप चाहु
हे प्रभु हे प्रभु खुप चाहु

हे प्रभु हे प्रभु, खुब चाहुं तने...(2)
आप दुरे रहो, ऐ न फावे मने...(2)
आंख श्यामल प्रभु, ने गुलाबी गाल छे...(2)
आभमां वादळा, एटलुं व्हाल छे

तेरे जैसा वीर कहा
तेरे जैसा वीर कहा

तेरे जैसा वीर कहा
कहा ऐसा महावीर
याद करे हैं दुनिया
प्रभु सबसे प्यारा....   

नमो जिणाणं जिअ भयाणं जाप
नमो जिणाणं जिअ भयाणं जाप

श्री श्रमणसंघस्य शांतिर्भवतु
श्री जनपदानां शांतिर्भवतु
श्री राजाधिपानां शांतिर्भवतु
श्री राजसन्निवेशानां शांतिर्भवतु

अरिहंतो को नमो नमः
अरिहंतो को नमो नमः

अरिहंतों को नमो नमः
सिद्धों को नमो नमः
आचार्यों को नमो नमः
उपाध्याय को नमो नमः

क्या मैं बोलूं तूंही संभाल

मेरी बातें क्यों न सुने तूं , ये है मेरा सवाल
तेरी बातें क्यों न मैं मानूं , ये है तेरा सवाल रे 
क्या मैं बोलूं तूं ही संभाल
तेरी बात का मरम न समझूं

जनम जनमनो मांगूं साथ
जनम जनमनो मांगूं साथ

જનમ જનમનો માંગું સાથ
આદિનાથથી અનાદિનાથ
સિદ્ધગિરિથી સિદ્ધશિલા પર જાવું છે
નમો સિદ્ધાણં નમો સિદ્ધાણં ગાવું છે

आ छे अंगार अमारा
आ छे अंगार अमारा
आ छे अंगार अमारा
श्री गौतम चालीसा
श्री गौतम चालीसा
श्री गौतम चालीसा अंगूठे अमृत वसे लब्धि तणा भंडार श्री गुरु गौतम सामरिए वांछित फल दातार ||
वैरागी ने वंदन
वैरागी ने वंदन

बनवा अणगार करवा भवपार...
बनवा अणगार करवा भवपार..
तोड्यो जेणे संसारनो बंधन
वैरागी ने वंदन, वैरागी ने वंदन...(2)