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Library > जैन धर्म दर्शन
घर में कितनी बड़ी प्रतिमा रखनी चाहिए?

कुछ महीने पहले, राजेश जी ने अपने घर के लिए एक
शानदार तीर्थंकर प्रतिमा खरीदी। दो फुट ऊंची,
सफेद मार्बल की, सोने के जड़ाव से सजी हुई देखकर मन प्रसन्न हो जाता था।
उन्होंने सोचा, "जितनी बड़ी प्रतिमा, उतनी बड़ी भक्ति!"

क्यों अपने घरों और दुकानों में घंटाकर्ण महावीर स्वामी की मूर्ति/फ्रेम होनी चाहियें?

भारतीय संस्कृति और विशेषकर जैन धर्म में, देवी-देवताओं की उपस्थिति हमारे दैनिक जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और
सुरक्षा प्रदान करने का विशेष साधन मानी जाती है। घंटाकर्ण महावीर स्वामी जैन समुदाय के लिए संकटमोचक और रक्षक देवता
के रूप में पूजनीय हैं। आज जानिए, क्यों हर जैन परिवार को अपने घर और दुकान के मुख्य द्वार पर
घंटाकर्ण महावीर स्वामी की मूर्ति या फ्रेम जरूर लगानी चाहिए।

सामायिक के ३२ दोष

सामायिक को दूषित करने वाले कुल 32 दोष हैं,
जिनमें 10 मन के, 10 वचन के, और 12 काया के दोष शामिल हैं।
इन कार्यों से बचकर ही सामायिक की शुद्धता बनी रहती है,
जिससे यह धार्मिक क्रिया प्रभावी और फलदायी हो सके।

सामायिक क्या है?

सामायिक जैन धर्म की एक धार्मिक विधि है,
जिसमें सभी पाप कर्मों का त्याग किया जाता है।
जहाँ गुरु महाराज जीवन भर इसकी साधना करते हैं,
वहीं गृहस्थों के लिए यह ४८ मिनट का आत्म-शुद्धि का अभ्यास है।