सम्मेद शिखरजी जैन धर्म का सर्वोच्च तीर्थ है, जहाँ अनगिनत तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया।
झारखंड के गिरिडीह ज़िले में स्थित यह पर्वत श्रद्धालुओं के लिए परम पवित्र स्थल है।
यहाँ की शांत वायुमंडलीय आभा आत्मिक साधना और गहन ध्यान के लिए प्रेरित करती है।
जैन आस्था में इसे मोक्षभूमि कहा जाता है, जो अनंत भक्ति और शांति का प्रतीक है।
Library > जैन मंदिर
08 April, 2026
07 April, 2026
ग्वालियर किला अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ जैन शिल्पकला के लिए भी प्रसिद्ध है।
यहाँ की विशाल जैन मूर्तियाँ संगमरमर और पत्थर पर अद्भुत नक्काशी का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
शिल्पकला में तप, त्याग और आध्यात्मिकता की गहरी छाप दिखाई देती है। ग्वालियर किले की जैन
प्रतिमाएँ श्रद्धालुओं को आस्था और शांति का अनोखा अनुभव कराती हैं।
06 April, 2026
श्रवणबेलगोला कर्नाटक का प्रसिद्ध जैन तीर्थ है, जहाँ भगवान
बाहुबली की विशाल प्रतिमा स्थित है। यह प्रतिमा त्याग, तपस्या
और अहिंसा का अद्वितीय प्रतीक मानी जाती है। हर बारह वर्ष
में यहाँ महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन होता है।
06 April, 2026
पावापुरी जैन धर्म का पवित्र तीर्थस्थल है, जहाँ भगवान महावीर
ने अंतिम उपदेश दिया था। यहाँ का जलमंदिर शांत वातावरण
और आध्यात्मिक आभा से परिपूर्ण है। तीर्थयात्रियों के लिए यह
स्थान मोक्ष और शांति का प्रतीक माना जाता है।
24 March, 2026
जूनागढ़ के निकट स्थित गिरनार पर्वत भगवान नेमिनाथ की दीक्षा,
केवलज्ञान और निर्वाण भूमि है। १०,००० सीढ़ियों की यात्रा पाँच पवित्र
टूंक और १६ भव्य मंदिरों से होकर गुजरती है। जैन और हिंदू परंपराओं
का अद्भुत संगम, गिरनार शताब्दियों से श्रद्धा और सहिष्णुता का जीवंत प्रतीक है।
23 March, 2026
पालीताना जैन तीर्थ पर लिखा यह ब्लॉग शत्रुंजय पर्वत
की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।
इसमें ३,७५० सीढ़ियों की यात्रा, ९०० से अधिक
मंदिरों का इतिहास और नौ प्रमुख टूंकों का वर्णन है।
16 March, 2026
रणकपुर जैन मंदिर राजस्थान की अरावली पहाड़ियों में
स्थित एक अद्भुत धरोहर है,
जहाँ १,४४४ अनोखे संगमरमर के स्तंभ और
८० गुम्बद इसकी भव्यता को दर्शाते हैं।

