हर जनम में दादा तेरा साथ चाहिए

 

हर जनम में दादा तेरा साथ चाहिए

 

(तर्ज देखा एक ख्वाब तो ये सिल सिले) 

 

हर जनम में दादा तेरा साथ चाहिए 

सर पे मेरे नाथ, तरा हाथ चाहिए २

सिलसिला ये टूटना नहीं चाहिए 

मुझको तो बस इतनी सी सौगात चाहिए। 

 

मेरी आँखों के तुम तो तारे हो 

जान से ज्यादा, मुझे प्यारे हो-२ 

मुझको मेरे प्यार की बरसात चाहिए 

दिल में तेरे भाव के, जजबात चाहिए 

हर जनम में दादा..... ॥१॥

 

मुझ पे तेरी कृपा जो कम ना है 

फिर भी एक छोटी से तमना है-२ 

जीते जी एक तुमसे मुलाकात चाहिए 

इसके आगे मुझे और कुछ ना चाहिए 

हर जनम में दादा...... ॥२ ॥

 

तेरी चौखट पे मैं आता रहूँ 

तेरी चौखट पे सर झुकाता रहूँ-२ 

दिन में साथ साथ रहो, तुम मेरे 

सपनों में आते रहो वो रात चाहिए 

हर जनम में दादा...... ॥३॥