कर्म सिद्धांत जैन दर्शन का मूल आधार है, जहाँ कर्म को दैवीय
न्याय नहीं बल्कि सूक्ष्म भौतिक कण माना गया है। यह आठ प्रकार
के कर्म आत्मा को जन्म-मृत्यु के चक्र में बाँधते हैं
और निर्जरा व मोक्ष ही मुक्ति का मार्ग बताते हैं।
Library > जैन ज्ञान श्रृंखला
17 March, 2026
24 February, 2026
फागन फेरी श्री शत्रुंजय गिरिराज पर फागन सुदी तेरस के दिन की जाने वाली छह गाऊं की पवित्र परिक्रमा है,
जो सांब और प्रद्युम्न मुनिराज की मोक्ष-प्राप्ति की स्मृति में लगभग ८४ हज़ार वर्षों से चली आ रही है।
इस लेख में रीटा और मीता की प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से गिरिराज की
इस पावन यात्रा का महत्व सरल और भावपूर्ण रूप से प्रस्तुत किया गया है।
09 October, 2025
नाकोड़ा भैरवजी की आराधना क्यों करनी चाहिए?
जानिए इस अनोखी परंपरा की संपूर्ण जानकारी
क्या आप जानते हैं कि राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित
एक छोटे से गांव में ऐसी दिव्य शक्ति विराजमान है |
14 October, 2022
जैन धर्म भारत में जन्मा एक प्राचीन धर्म है,
जो आध्यात्मिक शुद्धि और आत्मज्ञान का मार्ग सिखाता है।
इसके मूल सिद्धांत सभी जीवित प्राणियों के प्रति,
सख्त अनुशासन और पूर्ण अहिंसा पर केंद्रित हैं।

