सचित्र श्री आचारांग सूत्र जैन आगम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें जैन श्रमणों के आचार, विचार और जीवन शैली का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह ग्रंथ भगवान महावीर के साधनामय जीवन की झलक प्रस्तुत करता है, जिससे साधना और संयम का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। दोनों भागों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चित्रों के माध्यम से विषय को सरल और रोचक बनाया गया है, जिससे अध्ययन और भी सहज हो जाता है।
जैन श्रमणों के आचार विचार का आधार भूत ग्रथ। भगवान महावीर
के साधनामय जीवन की झांकी। दोनों भाग विविध ऐतिहासिक व
सांस्कृतिक चित्रों से युक्त