Personal menu
Search
You have no items in your shopping cart.
Library > प्रभु भक्ति
ऊँगली पकड़ मेरी

ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है(२)
कभी तो ये दादा माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी बन्न जाते है
ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है ..... (२)

तुं एक जछे मारो सथवारो

के मारा मनमां, तारा विना नहीं कोई रे मारा दिलमां,
तारा विना नहीं कोई रे ...
मीठो साद दईने ते तो मारा उघाड्यां नयन,
साचो पंथडो बताड्यो ने त्यां वहाव्यां किरण ... (२)

तारा देरेथी बोलावजो

समय नी आ सुनी सुनी, सफरनी डगरने,
पगलुं जड्युं छे तारुं आज ... व्हालाने शोधी रह्यं आ,
बाळक ने सूनं सूनं, मनडुं रहे छे आ उदास ...
में तो दीवडा प्रगटाव्या मारा रोम रोममां,

लगनी लागी छे

लगनी लागी छे, के अगनी जागी छे, तारा मिलननी प्रभु!
पळे पळ झंख्या करूं तने, के लगनी लागे छे ....
घेलु लाग्युं मुजने, हुं क्यारे तुजने भेटुं! तारा पावन खोळे,
मीठी नींदरमा लेटुं! शमणामां, रोज हुं,

ऐ आत्मोद्धरे चाली गया

ऐ आत्मोद्धरे चाली गया,
जोडी रह्या ऐ गुरुकुलवास,
ऐ संसार आखो छोडी रह्या,
प्रिय मात-तात संतान छोडी ..

दर्शन देजो नाथ

दर्शन देजो नाथ ..
दर्शन देजो नाथ
भक्तो तारा तने पोकारे ..
दर्शन देजो नाथ

केवा शोभे मारा जिनराया जिनराया

तारणहारा छो अमारा, सर्वज्ञता ने धारनारा,
मारा मनडा ने मोहनारानाथजी,
तारा नामे आखा जगने हुं जीती जऊ॥
मूरत छो उज्जवलता नी, दिव्यता ने निर्मलता नी,

जेनी मूर्ति नानी छे

जेनी मूर्ति नानी छे पण मंगलकारी छे ... (२ वार)
काळी कामणगारी जग मां जयजयकारी छे,
पळभर मां सौ भक्तोना मनडां हरनारी छे .. जेनी मूर्ति ...
जेनी आंखो नानी नानी, हा नानी ..

सिद्धाचलना शिखरोने वंदन

कांकेर कांकरे थया सिद्ध अनंत, जाणी लो, जाणी लो।
भवि आतमने ज, मले छे आ तक माणी लो, माणी लो।।
तीर्थोमां जेने कीधु महातीर्थ छे, शत्रुंजय ए महा तीर्थ नुं नाम छे।
कांकेर कांकरे थया सिद्ध अनंत, जाणी लो, जाणी लो।

सिध्धाचल शिखरे दीवो रे

सिध्धाचल शिखरे दीवो रे, आदेश्वर अलबेलो रे
जाणे दर्शन अमृत पीवोरे, आदेश्वर अलबेलो रे
अलबेलो अलबेलो अलबेलो रे, आदेश्वर अलबेलो रे
शिव सोमयशा नी लारे रे .. आदेश्वर ..