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Library > प्रभु भक्ति
मारो मुजरो ल्योने

मारो मुजरो ल्योने राज, साहिब शांति सलुणां
अचिराजीना नंदन तोरे, दरिसण हेते आव्यो;
समकित रीझ करो ने स्वामी, भक्ति भेटणं लाव्यो. (१)
मारो मुजरो ल्योने राज ...

मेरे सर पर रख दो

मेरे सर पर रख दो दादा, अपने ये दोनों हाथ,
देना हो तो दीजिये, जनम-जनम का साथ॥
मेरे सर पर रख दो दादा, अपने ये दोनों हाथ,
देना हो तो दीजिये, जनम-जनम का साथ॥

हुं बाळ तमारो छु

हे जिनेश्वर ... हे परमेश्वर ... हे व्हालेश्वर ...
हे दिनबंधु ... हे जीवबंधु ... हे जगबंधु ...
तारणहारा ... पालनहारा ... रक्षणहारा मारा ...
प्रीतम प्यारा ... व्हालम व्हाला ... मोहनगारा मारा ...

तूने खूब दिया सब भगतो को

तूने खूब दिया सब भगतो को अब आज हमारी वारी है माँ
आज हमारी वारी है मैया आज हमारी वारी है तूने खूब
दिया सब भगतो को
थोडा थोडा देने से काम न चले मुझको तो आज जी भर के मिले

जब खीडकी खोलुं तो

जब खीडकी खोलुं तो, तेरा दर्शन हो जाये (३) मेरे घर के
आगे दादा, तेरा मंदिर बन जाये मेरे घर के ... मेरे घर के ...
जब आरती हो तेरी, मुजे घंट सुनाई दे मुजे रोज सवेरे
दादा, तेरी मूरत दिखाई दे जय जय आरति आदि जिणंदा,

भक्ति की है रात

भक्ति की है रात (2), दादा आज थाने आणो है, थाने
कोल निभानो हैं ... भक्ति की है रात ...
दरबार ओ दादा, ऐसो सज्यो प्यारो दयालु आपरो .. 
सेवा में ओ दादा, सगळा खड्या आकर, 

अंत छे अनंत नही

सर्व स्वीकार नी संयम यात्रा सर्व स्वीकार नी संयम यात्रा
सादी अनंत छे वीरे कही भव भ्रमणोनी
यात्रा नो तो अंत छे अनंत नही
सर्व स्वीकार नी संयम यात्रा सादी अनंत छे वीरे कही भव

आगमन तारुं आगमन

रोमे रोमे हर्षनी वृद्धि करावे छे, साधनाथी आत्मनी शुद्धि
करावे छे, आगमन तारुं आगमन ...
अंजावे आतमने कषायो चारनां आकर्षणो, 
मेळवता जेथी आफतो ने दुःख मुज आमंत्रणो,

ओ प्यारा नाथ जी

महलों थी पण महलों थी पण वधू सूख छे नाथ तमारी पास
जी, रहवो छे हर एक भव मा नाथ तामरी साथ जी वचन
आपो नहीं छोड़ो नाथ अमारो हाथ जी
ओ प्यारा नाथ जी ओ प्यारा नाथ जी बनो मारा सारथी ओ

शुं करु दादा

शुं करु दादा तारी मने तेरी याद आवे छे -२
एवं लागे छे के जाणे तूं बुलावे छे
हूं मोहमायामां फासियो, हुं चार गतिमां रुल्यो,
मारुं माएं करवामां, हुं दुखियो थइने भामियो,