सचित्र श्री ज्ञाता धर्मकथाङ्ग सूत्र (भाग 1 एवं 2) प्रवर्तक श्री अमर मुनि द्वारा संकलित यह ग्रंथ जैन आगम साहित्य का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसमें भगवान महावीर द्वारा कथित बोधप्रद दृष्टान्तों, रूपकों और शिक्षाप्रद कथाओं को सरल एवं सुबोध शैली में प्रस्तुत किया गया है। दोनों भागों में इन प्रसंगों को रंगीन चित्रों के माध्यम से सजाया गया है, जिससे कठिन विषय भी सहज और रोचक बन जाते हैं। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से मूल्यवान है, बल्कि साधकों, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए जीवन निर्माणकारी मार्गदर्शन भी प्रदान करता है। स्वाध्याय, पाठशालाओं और ज्ञान शिविरों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है और जैन धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को समझने का श्रेष्ठ साधन है।