यह पुस्तक जैन आगम साहित्य के दो महत्वपूर्ण ग्रंथों - उपासकदशा सूत्र और अनुत्तरौपपातिक दशा सूत्र - का सचित्र संकलन है। इसमें 10 प्रमुख श्रावकों (गृहस्थ अनुयायियों) के जीवन वृत्त और विशिष्ट तप साधक श्रमणों की तपश्चर्या का वर्णन है। चित्रों सहित प्रस्तुत यह ग्रंथ गृहस्थों के लिए धर्मपालन की प्रेरणा और श्रमणों के लिए तप व संयम का आदर्श मार्ग दिखाता है। श्री अमर मुनि द्वारा संकलित यह पुस्तक धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान है।